बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़) नेशनल डांस ओलंपिक में अर्चिशा चक्रवर्ती प्रथम स्थान पर
नागपुर में भारत नटराज संस्था द्वारा ऑल इंडिया नेशनल लेवल डांस कंपटीशन आयोजित की गई,जिसे नेशनल डांस ओलंपिक नाम से आयोजित किया गया।
इस ऑल इंडिया लेवल डांस कंपटीशन में शास्त्रीय नृत्य के सभी विधाओं का कंपटीशन किया गया था जिसमें विभिन्न राज्यों से पूरे भारतवर्ष से ४५० से ज्यादा प्रतिभागी सम्मिलित हुए थे । इस ऑल इंडिया लेवल डांस कंपटीशन में बिलासपुर की अर्चिशा चक्रवर्ती ने नेशनल लेवल पर प्रथम स्थान प्राप्त कर बिलासपुर शहर एवं छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया। अर्चिशा छत्तीसगढी फिल्मों के प्रसिद्ध कलाकार अमित चक्रवर्ती की बेटी है।

रायगढ़ घराने के प्रसिद्ध गुरु जी श्री भूपेंद्र बरेठ की शिष्या है जिनका बिलासपुर में कार्तिक कत्थक केंद्र के नाम से संचालित है। यह प्रतियोगिता भारत के प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य का कंपटीशन माना जाता है और इतने सारे

प्रतिभागियों को पूरे भारतवर्ष से यहां सम्मिलित होने का मौका मिलता है और कथक नृत्य में अर्चिशा ने पूरे भारतवर्ष से आए हुए प्रतिभागियों में प्रथम स्थान अर्जित किया जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ा गौरव माना जा रहा है। अर्चिशा ने इसका श्रेय गुरु जी श्री भूपेंद्र बरेठ जी को और अपने परिवार के लोगों को दिया। अर्चिशा ने कहा की पूरे परिवार का उन्हें लगातार सपोर्ट मिलता रहा है। आपको बता दें कि अर्चिशा कोरोना काल के पहले लगातार गुरु श्री भूपेंद्र बरेठ जी के मार्गदर्शन में चक्रधर समारोह में भी शिरकत करते आ रही है जोकि रायगढ़ में आयोजित होता है और छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध समारोह माना जाता है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.24आदिगुरु शंकराचार्य भगवान की जयंती दशनाम गोस्वामी समाज ने मनाया, समाज के सभी प्रमुख लोग उपस्थित रहे
Uncategorized2026.04.23बिना एन ओ सी के लगा टेंडर* *परिणाम यह हुआ कि भूमि पूजन रुका* — *नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी*
Uncategorized2026.04.23मॉलों में पार्किंग वाले टू और फोर वीलर से शुल्क वसूली नहीं कर सकते यह निर्णय आम जनमानस को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है, उच्च न्यायालय अधिवक्ता श्री अंजिनेश शुक्ला ने जनहित याचिका की पैरवी की
Uncategorized2026.04.23सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं – JCCJ अमित जोगी के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत


