माधव राव सप्रे की 151 वीं जयंती पर कबीर चबूतरा में भव्य कार्यक्रम

उद्घाटन सत्र में आधार वक्तव्य में दी गई सप्रे जी के ऐतिहासिक घटनाक्रमों की सिलसिलेवार जानकारी

बिलासपुर, (वायरलेस न्यूज़ 18 जून 2022) छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार पंडित माधव राव सप्रे की 151 वी जयंती पर आज गौरेला पेंड्रा मारवाही जिले के ईको हिल रिजॉर्ट कबीर चबूतरा में भव्य कार्यक्रम हो रहा है।

दो दिवसीय सप्रे स्मृति महोत्सव के उद्घाटन सत्र में आधार वक्तव्य में अतिथियों ने सप्रे जी के ऐतिहासिक घटनाक्रमों की सिलसिलेवार जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मरवाही विधायक डॉक्टर के के ध्रुव ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया। विधायक डॉक्टर ध्रुव ने कहा कि सप्रे जी का ऐतिहासिक विरासत बहुत विशाल है। उनके बारे में कहना सूर्य को दीया दिखाने के समान है। उन्होंने कहा कि सप्रे जी के आदर्शों को अपने जीवन में सार्थक बनाने का प्रयास करें। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे संभागायुक्त डॉ संजय अलंग ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कलात्मक साहित्यिक और रचनात्मक विकास के लिए अथक प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सप्रे जी से जुड़े ऐतिहासिक घटनाओं मालवा, कोंकण, नागपुर और पेंड्रा का जिक्र किया उन्होंने छत्रसाल बाजीराव पेशवा से जुड़े साहित्यिक घटनाओं की जानकारी दी और पेंड्रा में सप्रे जी के द्वारा साहित्यिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा पेंड्रा में कबीर चबूतरा को उनकी जयंती पर समारोह आयोजित करने से साहित्यिक विकास होगा। उन्होंने जिला प्रशासन के प्रयास से इको हिल रिजॉर्ट कबीर चबूतरा को कार्य शालाओं के रूप में विकसित करने की बात कही। उद्घाटन सत्र में पुरातत्व और संस्कृति अध्येता श्री राहुल कुमार सिंह ने माधव राव सप्रे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सप्रे जी की सोच 1901 में शिक्षा, समाज सुधार, जात पात और स्त्रियों की दशा को लेकर उत्तम थी। उन्होंने कहा कि माधव राव सप्रे हिंदी के पहले पत्रकार थे । उन्होंने सप्रे के चरित्र निर्माण, दृढ़ संकल्प, साहसिक पारदर्शिता, उनके दुर्लभ कृतियों और बालबोधिनी में स्त्रियों की स्थिति पर समालोचना की है। उन्होंने सप्रे जी की प्रमुख कृतियों स्वदेशी आंदोलन और बाइकाट, एक टोकरी भर मिट्टी सहित अनेक साहित्यिक संदर्भ की जानकारी दी। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में साहित्यिक विरासत बहुत बड़ा है। कबीर चबूतरा में सप्रे स्मृति महोत्सव के आयोजन से एक नये ऊर्जा का संचार होगा। सप्रे स्मृति महोत्सव के विभिन्न सत्रों में देश-प्रदेश से आए जाने माने साहित्यकारों द्वारा सप्रे जी की स्मृति पर विचार प्रकट किया जा रहा है।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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