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रिटायरमेंट के 3 साल बाद भी नहीं मिली ग्रेच्युटी, हाईकोर्ट सख्त—30 दिन में भुगतान का आदेश

On: July 27, 2026 6:08 PM

रिटायरमेंट के 3 साल बाद भी नहीं मिली ग्रेच्युटी, हाईकोर्ट सख्त—30 दिन में भुगतान का आदेश

बिलासपुर। ( वायरलेस न्यूज) सेवानिवृत्ति के बाद वर्षों तक अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए इंतजार कर रहे कर्मचारी को आखिरकार छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने राज्य शासन और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ग्रेच्युटी की निर्धारित राशि 30 दिनों के भीतर जारी की जाए।

बलौदा बाजार भाटापारा जिले के बलौदा निवासी भागवत प्रसाद पटेल, को ग्रेच्युटी की राशि नहीं मिलने पर हाई कोर्ट अधिवक्ता रूपेश साहू के माध्यम से याचिका प्रस्तुत किया गया था जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु जी के एकल पीठ में हुई

नियंत्रक प्राधिकारी के आदेश के बाद भी नहीं हुआ भुगतान

भगवत प्रसाद पटेल 1 जुलाई 2023 को शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया गया। मजबूर होकर उन्होंने ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी की शरण ली।

नियंत्रक प्राधिकारी ने 6 नवंबर 2025 को उनके पक्ष में आदेश पारित कर ग्रेच्युटी राशि के भुगतान का निर्देश दिया। इसके बावजूद राशि जारी नहीं होने पर मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

हाईकोर्ट में राज्य ने माना—तकनीकी कारणों से रुका भुगतान

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से कहा गया कि कुछ तकनीकी कारणों के चलते ग्रेच्युटी राशि का भुगतान नहीं हो सका, लेकिन इसे 30 दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा।

राज्य की इस बात को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि नियंत्रक प्राधिकारी के 6 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार निर्धारित ग्रेच्युटी राशि, हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को जारी की जाए।

30 दिन में भुगतान नहीं तो फिर खुला कानूनी रास्ता

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि निर्धारित अवधि में राशि जारी नहीं होती है तो याचिकाकर्ता कानून के तहत उपलब्ध उचित कानूनी उपाय अपनाने के लिए स्वतंत्र रहेगा।

इस आदेश से यह संदेश भी सामने आता है कि सेवानिवृत्ति के बाद देय ग्रेच्युटी के भुगतान को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता, विशेषकर तब जब सक्षम प्राधिकारी पहले ही कर्मचारी के पक्ष में आदेश पारित कर चुका हो।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अशुतोष मिश्रा और नेल्सन पन्ना ने पक्ष रखा।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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