सीजेआई रमणा के मार्गदर्शन से मिलेगी छत्तीसगढ़ के न्याय व्यवस्था को एक नई दिशा – JCCJ
एक गाँव से निकलर श्री रमणा का देश के सर्वोच्च न्यायालय का सीजेआई बनना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा।
छत्तीसगढ़ में हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना स्व अजीत जोगी की देन, छत्तीसगढ़ को मिली न्याय और विधि के क्षेत्र में एक नई पहचान – JCCJ
न्याय व्यवस्था के प्रति बढ़ा जनता का विश्वास – एड भगवानू
रायपुर, (वायरलेस न्यूज 31 जुलाई 2022) । जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने नई राजधानी स्थित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्याय के पुजारी श्री एन. वी. रमणा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा में वंदन अभिनंदन करते हुए कहा न्यायमूर्ति श्री रमणा के छत्तीसगढ़ आगमन और उनके उदबोधन से छत्तीसगढ़ के न्याय व्यवस्था को एक नई दिशा और विधि के छात्रों प्रेरणा मिलेगी। न्यायमूर्ति श्री रमणा एक गांव से निकलर आज देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने हैं जिनके बेबाक टिप्पणियां सरकार को आईना दिखाने का काम कर रही है वहीं उनके निर्णय मील का पत्थर साबित हो रहे है जस्टिस रमणा के अनुसार “कानून के शासन के लिए “न्यायापालिका का स्वतंत्र होना बहुत जरूरी है, वे कहते है प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से न्यायपालिका को कार्यपालिका और विधायिका द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता। जस्टिस रमणा ने देश की न्याय व्यवस्था कैसी होनी चाहिए ? न्यायाधीशों को भावनात्मक आवेश से प्रभावित होने से बचने का सलाह, इंसाफ की कुर्सी मैं बैठे हुए न्यायाधीश को सचेत रहने, मीडिया ट्रायल से बचने, सोशल मीडिया का शोर, महिला हित, वकीलों को सुझाव आदि विषयों में महत्वपूर्ण बातें कहते रहें है । देश के न्यायिक हल्को में न्यायमूर्ति श्री रमणा के व्याख्यान की खूब चर्चा है न सिर्फ न्यायिक हल्को में बल्कि सामाजिक और राजनीतिक में भी, संविधान विशेषज्ञों और समाजिक कार्यकर्ताओं के बीच चर्चाओं का नया दौर छिड़ गया है। जस्टिस रमणा के निर्णयों से देश की जनता का न्याय व्यवस्था के प्रति और भी अधिक विश्वास बढ़ा है।
भगवानू नायक ने कहा छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय हिदायतुल्लाह विधि विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में की थी। स्व जोगी जी के दूरदर्शिता सोच के कारण आज छत्तीसगढ़ को एक विधि और न्याय के क्षेत्र में एक नई पहचान मिल रही है।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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