बिलासपुर (वायरलेस न्यूज 19 अगस्त 2022 ) /बहतराई एथलेटिक्स स्टेडियम में आयोजित 18वीं राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2022 का उद्घाटन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं वाणिज्य कर एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा किया गया।

21 अगस्त तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में राज्य के 24 जिलों के एक हजार से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन राज्य एथलेटिक्स एवं जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि यह न्यायधानी के लिए गौरव का क्षण है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों के साथ-साथ खेलों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ खेलने की अपील करते हुए कहा कि उत्कृष्ट खेल के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर राज्य को गौरांवित करें। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के निवासियों को उत्कृष्ट खेल देखने का अवसर मिलेगा।
श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने के लिए सतत कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वे देश-विदेश में नाम रोशन कर प्रदेश का मान बढाएंगे।
कार्यक्रम में संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशीष सिंह, आई जी श्री रतन लाल डांगी, सीवी रमन यूनिवर्सिटी के कुल सचिव श्री गौरव शुक्ला, छ.ग. राज्य एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष श्री जी.एस. बामरा, बिलासपुर जिले के एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष श्री विजय केशरवानी, सचिव श्री अमरनाथ सिंह, श्री राजेन्द्र धीवर सहित विभिन्न खेल संघों के खेल पदाधिकारी, कोच, मैनेजर एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.27काले कपड़े पहन कर पहुंची महापौर ओर उनकी परिषद महिला सशक्तिकरण बिल के पक्ष में या विरोध में — *नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी*
बिलासपुर2026.04.27सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान के तहत खाद्य ठेलों की सघन जांच, विक्रेताओं को दिए गए सुरक्षा निर्देश
Uncategorized2026.04.27कटघोरा एवं पाली क्षेत्र के उपभोक्ताओं को होगी निर्बाध बिजली की आपूर्ति ,132 केव्ही उपकेन्द्र छुरीखुर्द में 40 एमव्हीए का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उर्जीकृत
Uncategorized2026.04.27छत्तीसगढ़ का बरनवापारा अभयारण्य बना विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरणों के पुनर्जीवन का मजबूत उदाहरण* *स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान*


