किसी भी कीमत में उत्खनन उद्योग को जशपुर में घुसने की अनुमति नहीं दी जाएगी
आक्सिजोन और पर्यटन हब के रूप में जशपुर की पहचान स्थापित करने मुख्यमंत्री भी सहमत
जशपुर नगर। (सुनीता गुप्ता वायरलेस न्यूज)
जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर जशपुर जिले की पहचान उत्खनन उद्योग नहीं,पर्यटन और इस पर आधारित उद्योग का विकास किया जाएगा। जशपुर के माटीपुत्र दिलीप सिंह जूदेव के सपने को साकार करने के लिए हम सब मिल कर काम करे हैं और करते रहेंगे। जिले के बगीचा ब्लाक के पकरिटोली में 149 हैक्टेयर में बॉक्साइट उत्खनन के लिए 22 सितंबर को आयोजित होने वाली जनसुनवाई का विरोध करते हुए कुनकुरी के विधायक और संसदीय सचिव यू.डी. मिंज ने उक्त बातें कहीं।
उन्होंने भाजपा के आरोप पर पलट वार करते हुए कहा कि जशपुर की हरियाली को बचाने के लिए होने वाले किसी भी संघर्ष में वे साथ खड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि 20 वर्ष पहले जशपुर की अनोखी जैव विविधता को देखते हुए इस संरक्षित करने के लिए 171 पेज की रिपोर्ट को बड़े उद्योगपतियों ने दबा दिया जिसे मैंने सार्वजनिक करके जशपुर के लोगों समेत प्रदेश के मुख्यमंत्री को बार बार अवगत कराया.जिसमे लेख है कि इसे जैव विविधता के लिए संरक्षित किया जाय. रिपोर्ट में स्पष्ट है कि यहाँ किसी भी प्रकार के उतखन्न न हो और साथ ही यहाँ रेड और ऑरेंज केटेगरी के उद्योग को अनुमति नहीं है परन्तु इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को जब यहाँ की अनोखी जैव विविधता के बारे पता चला तो उन्होंने भी आश्चर्य किया और उन्होंने भी जशपुर में ऐसी विविधता को संरक्षण देने यहाँ इको टुरिज्म को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने के निर्देश अधिकारीयों को दिए है. मैंने मुख्यमंत्री से इसे ग्रीन जिला घोषित करने की माँग भी की है.प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जशपुर प्रवास पर यहाँ की समृद्ध जैव विविधता यहाँ की तीन प्रकार की जलवायु, वनोषधि,को संरक्षित करने के साथ इको पर्यटन विकास करने की संभावनाओं को तलाशने पर सहमती दी है।
राजनीति नही,जनसुनवाई रोकना आवश्यक
इस मामले में जिले के लोगों को राजनीती से ऊपर उठकर आगे आने होगा. राजनीति करने के लिए और विषय भी है। विधायक यू.डी. मिंज ने कहा कि भारत सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के 2006 की अधिसूचना के आधार पर छत्तीसगढ़ मिनरल करपोरेशन अग्रिम कारवाई कर रहा है जो जशपुर के हित में नहीं है किसी भी प्रकार से जनसुनवाई स्थगित होनी चाहिए और इसे रोकने के लिए जिले की जनता और जनप्रतिनिधि सामने आयें न कि मौका देखकर राजनीति शुरू कर दें।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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