रायगढ़ ।( वायरलेस न्यूज)साउथ बिहार एक्सप्रेस को रायगढ़ में अचानक रद्द कर दिए जाने के बाद यात्रियों ने स्टेशन मास्टर के कार्यालय को घेर लिया है। यात्री वैकल्पिक ट्रेन की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं। हंगामे को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी की टीम भी बंदोबस्त लगी रही किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रेसुब तैयारी के साथ डटी रही । वस्तु स्थिति से अवगत कराने पर यात्रियों ने हंगामा करना छोड़ दिया। और एक घंटे बाद यात्रियों को दी गई समझाइश काम आई जरूरी जाने वाले लोगो को दरभंगा और टाटा एक्सप्रेस ट्रेन से गंतव्य के लिए भेजा गया।
रेल्वे के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में हो रहे रेल रोको आंदोलन का असर है की रायगढ़ में साउथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया गया है। यहां से यात्रियों को वापस किया जा रहा है। यात्रियों को अभी तक आंदोलन के बारे में पता तक नहीं था। जैसे ही उन्हें रायगढ़ में साउथ बिहार को रद्द करने की जनवरी दी गई। यात्री भड़क उठे। अब हंगामा इस कदर बरपा की रेलवे इसे संभाल नहीं पा रही है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में कुर्मी समुदाय के लोगों ने मंगलवार को एसटी का दर्जा देने और कुरमाली भाषा को संविधान की आठवीं सूची में शामिल करने की अपनी मांग को लेकर पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओड़िशा में रेलवे पटरियों पर आवागमन बाधित किया और सड़कें जाम कर दी हैं। आंदोलनकारीप कई स्थानों पर पटरियों पर बैठ गये, जिससे कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। बुधवार को भी आंदोलन जारी है।
इधर एसईसीआर में साउथ बिहार एक्सप्रेस को रायगढ़ में रोका गया। उत्कल एक्सप्रेस को झारसुगुड़ा के रास्ते डायवर्ट किया गया है। साउथ बिहार में सफर कर रहे यात्रियों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है की वे आगे का सफर कैसे करेंगे। इस कारण स्टेशन में गहमा गहमी की स्थिति बनी हुई है। लोग लगातार आगे की यात्रा के लिए सुविधा की मांग कर रहे हैं।
ओडिशा बंगाल में स्थिति बिगड़ी
खड़गपुर डिवीजन के नीमडीह रेलवे स्टेशन और आद्रा डिवीजन के कौस्तुर रेलवे स्टेशन पर लोगों ने रोड जाम कर दिया। पश्चिम बंगाल के खेमाशोली स्टेशन के पास कुड़मी समाज के हजारों लोगों ने रेल चक्का जाम कर दिया। दक्षिण-पूर्व रेलवे (एसइआर) के आद्रा मंडल के कुस्तौर और निमडीह स्टेशनों, खड़गपुर मंडल के खेमासुली और भांजपुर तथा चक्रधरपुर मंडल के औनलाजोरी स्टेशन पर आंदोलन के कारण दो दिनों से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।रायगढ रेल्वे शतेशन में हो रहे हंगामे के बीच आरपीएफ और जीआरपी की टीम भी बंदोबस्त लगी रही किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए रेसुब तैयारी के साथ डटी रही । वस्तु स्थिति से अवगत कराने पर यात्रियों ने हंगामा करना छोड़ दिया। और एक घंटे बाद यात्रियों को दी गई समझाइश काम आई जरूरी जाने वाले लोगो को दरभंगा और टाटा एक्सप्रेस ट्रेन से गंतव्य के लिए भेजा गया। 4 बजे शाम को दुर्ग दानापुर साउथ बिहार एक्सप्रेस ट्रेन को दुर्ग के लिए खाना किया गया। तब रेल्वे और रेसुब ने राहत की सांस ली।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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