बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) मरीज़ों के सेवा में सभी अस्पताल अपने सम्पूर्ण क्षमता से कार्य करते है अस्पताल के कर्मचारियों में सेवा भाव एवं संवेदनशीलता मरीज़ों के स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अस्पताल में जो मरीज़ जाता है वो मानसिक एवं शारीरिक रूप से काफ़ी तकलीफ़ में रहता है और उनको चिकित्सकीय सहायता के साथ साथ सम्वेदना की भी ज़रूरत होती है।


किसी भी हॉस्पिटल में कार्यरत कर्मचारी का मरीज़ के इलाज में अंत्यंत महत्वपूर्ण सहयोग होता है
उनके सौम्य व्यवहार एवं उचित तौर तरीक़ों से मरीज़ के स्वस्थ में काफ़ी अच्छा प्रभाव पड़ता है
बिलासपुर इंडीयन मेडिकल असोसीएशन के द्वारा अपने सभी अस्पताल के नर्सिंग और ग़ैर नर्सिंग स्टाफ़ के व्यक्तित्व विकास एवं कम्यूनिकेशन स्किल को बेहतर करने हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में तक़रीबन १०० कर्मचारियों ने भाग लिया।
संजय शर्मा कॉर्प्रोट स्पीकर ने सभी कर्मचारियों को मरीज़ों के बेहतर सुविधा एवं इलाज प्रदान करने के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए कहा की अस्पतालों के हर एक कर्मचारी चाहे वो किस भी पद पे हो मरीज़ों के सेवा में एक महत्वपूर्ण कड़ी होता है सफ़ाई कर्मचारी से लेकर चिकित्सक तक उस अस्पताल का प्रतिनिधित्व करते है इसलिए सभी स्टाफ़ का व्यवहार एवं व्यक्तित्व ऐसा होना चाहिए जो मरीज़ के दुःख दर्द को कम करने में सहयोग करे।
आईएमए प्रेसिडेंट डॉक्टर संदीप तिवारी ने कहा की किसी भी अस्पताल में मरीज़ों के सेवा का बहुत बड़ा दारोमदार अस्पताल कर्मचारियों के कंधों पर होता है
मरीज़ का ज़्यादा से ज़्यादा समय कर्मचारियों के साथ बीतता है इस लिए हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी अस्पताल के व्यवस्था के बैक बोन होते है अतः उनके व्यक्तित्व , कम्यूनिकेशन स्किल एवं हावभाव का अच्छा होना आवश्यक होता है।
डॉक्टर अनुज कुमार सचिव आईएमए बिलासपुर ने कहा की भविष्य में भी आईएमए के द्वारा ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा जिससे मरीज़ों की और बेहतर सेवा की जा सके एवं अस्पताल के कर्मचारियों का और बेहतर कार्य करने हेतु उत्साहवर्धन किया ।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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