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रायपुर समर्पण हॉस्पिटल में की गई स्तन की अति दुर्लभ सर्जरी

On: October 6, 2022 12:17 PM

समर्पण हॉस्पिटल में की गई स्तन की अति दुर्लभ सर्जरी

डॉ मंजू सिंह मेकाहारा ब्रेस्ट सर्जन


रायपुर/(वायरलेस न्यूज) स्तन अतिवृद्धि एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें स्तन के ऊतको में अत्यधिक वृद्धि के कारण स्तन का आकार शरीर के अपेक्षाकृत अनुपात में अत्यधिक विकसित हो जाता है। यह एक बीमारी है,जिसे जयजेटमैस्टिया कहा जाता है।अब इसका उपचार रायपुर में भी संभव है। यह जन्म के समय से हो सकता है। यदि आप स्तन में भी तेजी से और अनुपातहीन वृद्धि का अनुभव करेंते है तो आप भी इस बीमारी से ग्रसित हो सकते है। अधिकतर ये 16 वर्ष से 24 वर्ष की लड़कियों में हो सकता है। लेकिन कुछ अतिदुर्लभ मामले भी सामने आते हैं। हाल ही में जायजेटोमैस्टिया का एक मामला रायपुर में भी सामने आया। हैरानी का विषय है कि कन्या की आयु मात्र 12 वर्ष है बावजूद इसके स्तन वृद्धि अनुपातहीन अर्थात अत्यधिक वृद्धि होने से काफी अधिक बढ़ गए थे। जिसकी सर्जरी रायपुर मोवा में स्थित समर्पण हॉस्पिटल में हुई है। सर्जरी के माध्यम से लगभग तीन किलो का वजन कम किया गया है।

मामले की जानकारी के संबंध में समर्पण हॉस्पिटल के संचालक डॉ गंभीर सिंह से बात की गई। जिसमें उन्होंने इस तरह की सर्जरी होने की पुष्टि की। डॉ गंभीर सिंह ने कहा कि मेरी जानकारी में रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में इस तरह का यह पहला मामला है,जिसमे कन्या की आयु 12 वर्ष है जिसकी माहवारी भी शुरू नही हुई हो,और उसके स्तन का अत्यधिक बढ़ रहे हो। डॉ सिंह ने आगे बताया कि समर्पण हॉस्पिटल अब स्तन कैंसर अथवा सम्बन्धित बीमारियों के लिए समर्पित हो रहा है, यह प्रदेश का पहला हॉस्पिटल होगा जहां पर महिलाओं का इलाज पूर्णतः महिलाओं द्वारा किया जायेगा। ये हमारे द्वारा एक प्रयास किया जा रहा है जिससे कि महिलाओं को किसी भी प्रकार की झिझक या हिचक महसूस ना हो। पूरा स्टाफ महिला होने से उन्हें सुविधाजनक महसूस होगा।

जायजेटोमैस्टिया के संबंध में मेकाहारा की ब्रेस्ट सर्जन एवं स्तन रोग विशेषज्ञ डॉ मंजू सिंह जो सर्जरी विभाग की विभागाध्यक्ष है, से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि यह एक दुर्लभ बीमारी है, ये जन्मजात जींस हार्मोन की विकृति से उत्पन्न होती है। जिसमें स्तन का वजन काफी अधिक हो जाता है, जिसके कारण लड़की अथवा महिला के कंधों पर अधिक भार पड़ने से कंधे झुक जाते हैं, गर्दन, रीढ़ की हड्डी, कमर या छातियों में दर्द उत्पन्न हो जाता है। जिसमें सर्जरी द्वारा सुधार किया जाता है। मेकाहारा में भी इस तरह की सर्जरी की जाती है। हालांकि डॉ मंजू सिंह ने कहा कि हम जायजेटोमैस्टिया को लेकर खोज, शोध तथा जानकारियां एकत्रित कर रहे हैं ताकि इसके उपचार अथवा सर्जरी को और अधिक सरलता पूर्वक किया जा सके।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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