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वर्ष 22 के अंतिम नेशनल लोक अदालत में 2 लाख 81 हजार 509 प्रकरणों को निराकृत तथा मोटर दुर्घटना दावा के प्रकरणों में एक अरब से ज्यादा का मुआवजा राशि स्वीकृत

On: November 12, 2022 5:12 PM


वर्ष 2022 के अंतिम नेशनल लोक अदालत में 2 लाख 81 हजार 509 प्रकरणों को निराकृत तथा मोटर दुर्घटना दावा के प्रकरणों में एक अरब से ज्यादा का मुआवजा राशि स्वीकृत की गई


बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) जिला न्यायालय बिलासपुर एवं कुटुंब न्यायालय बिलासपुर में आयोजित नेशनल लोक अदालत का निरीक्षण माननीय न्यायमूर्ति श्री पी सैम कोशी द्वारा किया गया तथा जिला न्यायालय रायगढ़ में आयोजित नेशनल लोक अदालत का माननीय न्यायमूर्ति श्री संजय एस अग्रवाल द्वारा निरीक्षण किया गया
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के निर्देशानुसार वर्ष 2022 में आयोजित होने वाले नेशनल लोक अदालत के अनुक्रम में माननीय मुख्य संरक्षक महोदय छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं माननीय कार्यपालक अध्यक्ष महोदय, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका स्तर से लेकर उच्च न्यायालय स्तर तक सभी न्यायालयों में 12-11-2022 को इस वर्ष की अंतिम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाकर राजीनामा योग्य प्रकरणों में पक्षकारों की आपसी सहमति व सुलह समझौता से निराकृत किये गये हैं। उक्त लोक अदालत में प्रकरणों कें पक्षकारों की भौतिक तथा वर्चुअल दोनों ही माध्यमों से उनकी उपस्थिति में निराकृत किये जाने के अतिरिक्त स्पेशल सिटिंग के माध्यम से भी पेटी ऑफेंस के प्रकरणों को निराकृत किये गये हैं।
सफल कहानी

मुंगेली

शिक्षित पत्नी ने खेतों में काम करने से मना किया तो ससुराल वालों के साथ झगड़ा हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि थाने से होते हुए कोर्ट पहुंच गया आज नेशनल लोक अदालत में पत्नी तथा ससुराल पक्ष के लोगों को बुलाया गया था और जब मामले का खुलासा हुआ तो पता चला कि पढ़ी-लिखी शिक्षित महिला का विवाह कृषक परिवार में हुआ था अभी कृषि के समय जब परिवार के लोगों ने बहू से खेत में चलकर काम करने को कहा तो शिक्षित बहू द्वारा खेतों में काम करने से इनकार किया गया उनका कहना था कि मैं खेतों में काम करने के लिए थोड़ी पढ़ी लिखी हूं, लोक अदालत में बहू को और परिवार वालों को समझाइश दी गई की परिवार के कार्यों में सभी को सहयोग देना चाहिए कोई भी काम छोटा एवं बड़ा नहीं होता समझौते के बाद अंततः बहु एवं ससुराल पक्ष के बीच समझौता संपन्न हुआ।

रायपुर

ब्रेन कैंसर से पीड़ित व्यक्ति ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रकरण में समझौता किया

न्यायिक मजिस्ट्रेट साक्षी ध्रुव के न्यायालय में एक महिला जो ब्रेन कैंसर की लाइलाज बीमारी से ग्रसित थी और चिकित्सकों द्वारा उसके बचने की कोई उम्मीद व्यक्त नहीं की थी उसका और आरोपी के मध्य धारा 294 एवं 323 का मामला लंबित था पीड़िता न्यायालय में आने में असमर्थ थी ऐसी स्थिति में जिला विधिक प्राधिकरण की मोबाइल वैन आवेदिका के घर तक पहुंची और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रार्थी ने मामले में समझौता कर आरोपी को बरी करवा दिया।

आज अपर जिला न्यायाधीश विजय कुमार मिंज के न्यायालय में एक प्रकरण भूमि विवाद से संबंधित काफी समय से लंबित था। विवाद से संबंधित भूमि की कीमत ₹5,11,00000 थी आज न्यायालय में समझाइस पर दोनों पक्षकारों ने समझौता किया और प्रतिवादी ने वादी को संपूर्ण राशि वापस कर दी

वेंटिलेटर लगे वृद्ध ने राजीनामा किया

रायपुर स्थित टिकरापारा प्रेसिडेंट जनविहार कॉलोनी में कचरे को लेकर प्रार्थी और आरोपी के मध्य विवाद हुआ था जो लगभग 5 वर्षों से न्यायालय में लंबित था 76 वर्षीय वृद्ध जो वेंटिलेटर में ऑक्सीजन के सहारे भर्ती था वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समझाइश देने पर समझौता करके आरोपी को अपराध से मुक्त किया। समाचार लिखे जाने तक उक्त नेशनल लोक अदालत में आपसी सुलह समझौता के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों से कुल 2 लाख 81 हजार 509 से अधिक प्रकरणों का निराकरण हो चुका है तथा आज दिनांक को आयोजित नेशनल लोक अदालत की समाप्ति पर और भी प्रकरणों का निराकृत होने की संभावना बताई गई है। यह वर्ष 2022 की अंतिम नेशनल लोक अदालत है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर में भी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 03 खण्डपीठों में माननीय न्यायमूर्ति श्री दीपक कुमार तिवारी, माननीय न्यायमूर्ति श्री सचिन सिंह राजपूत एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री राकेश मोहन पाण्डेय की खण्डपीठ के द्वारा कुल 90 प्रकरणों का निराकरण करते हुए मोटर दुर्घटना के 63 प्रकरणों में 12,972,000रूपये का अवार्ड पारित किया गया।

आज की नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा के 680 से ज्यादा प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 1 अरब 17 करोड़ से ज्यादा की राशि का मुआवजा आदेश जारी किया गया परिवार न्यायालय के 730 प्रकरणों में पति पत्नियों के मध्य में समझौता किया गया जबकि चेक बाउंस के 1649 से ज्यादा प्रकरणों में पक्षकारों ने समझौता किया।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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