रायपुर (वायरलेस न्यूज)इंद्रावती टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वन भैसा के जनसंख्या वृद्धि संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

बीजापुर जिले के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 6वन भैंसों का झुंड अभी हाल ही में देखा गया है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक धम्म शील गणवीर ने बताया कि वन भैसो के संरक्षण के लिए पेट्रोलिंग गार्ड व ग्रामीणों के साथ मिलकर निगरानी किया जा रहा है,ताकि इनका संरक्षण किया जा सके।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र की सीमा महाराष्ट्र से लगे होने से वन भैसो का आवागमन दोनो प्रदेशों में होता है,इसके लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा महाराष्ट्र राज्य के गड़चिरोली वन विभाग से समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि साथ मिलकर वन भैसे के संरक्षण व संवर्धन का कार्य किया जा सके। भारत में वन भैसा प्रमुखतः असम व् छत्तीसगढ़ में पाया जाता है। वन भैसा छत्तीसगढ़ में दुर्लभ एव संकटग्रस्त प्रजाति में गिनती होती है।
28 सौ वर्ग किलोमीटर में फैले इंद्रावती टाइगर रिजर्व वन भैसो के लिए उपयुक्त प्राकृतिक रहवास है जिसके कारण यहां वन भैसा अधिक संख्या में देखने को मिलते है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.24एडवोकेट प्रीमियर लीग मैच में जिला प्रशासन बनाम न्यायपालिका के मध्य मैच खेला गया,कप्तान धीरज पलेरिया के नेतृत्व में जिला न्यायालय की टीम ने शानदार विजय प्राप्त की
Uncategorized2026.04.24आदिगुरु शंकराचार्य भगवान की जयंती दशनाम गोस्वामी समाज ने मनाया, समाज के सभी प्रमुख लोग उपस्थित रहे
Uncategorized2026.04.23बिना एन ओ सी के लगा टेंडर* *परिणाम यह हुआ कि भूमि पूजन रुका* — *नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी*
Uncategorized2026.04.23मॉलों में पार्किंग वाले टू और फोर वीलर से शुल्क वसूली नहीं कर सकते यह निर्णय आम जनमानस को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है, उच्च न्यायालय अधिवक्ता श्री अंजिनेश शुक्ला ने जनहित याचिका की पैरवी की


