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भेंट मुलाकात है या हेट मुलाकात! प्रायोजित सवालों से अलग सवाल सुनते ही भड़क जाते हैं भूपेश जी : नारायण चंदेल

On: January 18, 2023 6:46 PM

प्रायोजित सवालों से अलग सवाल सुनते ही भड़क जाते हैं भूपेश जी

रायपुर (वायरलेस न्यूज) नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कोरबा जिले में मुख्यमंत्री से सवाल करने वाले युवक को सुरक्षाकर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री की सभा से खींचकर बाहर करने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि भूपेश बघेल जी घूम घूमकर पूरे प्रदेश में तानाशाही कर रहे हैं। भेंट मुलाकात है या हेट मुलाकात! जहां भी जाते हैं, प्रायोजित सवालों से अलग सवाल सुनते ही भड़क जाते हैं। पहले एक युवती को धौंस देकर यह कहने वाले मुख्यमंत्री ने कि ऐ लड़की नेतागिरी मत कर, उसके बाद लगातार युवाओं को डांट फटकार लगाई, बेमेतरा इलाके में आरक्षण और भर्ती पर सवाल उठाने वाले युवक को प्रताड़ित किया और अब कोरबा के  कटघोरा में जांजगीर चांपा के युवक को सभा से घसीटा गया। इस युवक ने जांजगीर में भी मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की तो उसके घर की घेराबंदी कर दी गई। आखिर भूपेश बघेल जी लोकतंत्र को क्यों कुचल रहे हैं? वे विरोध को दबाने के लिए खुद तानाशाही कर रहे हैं और पुलिस से भी दमन करा रहे हैं। विरोध दबाने के लिए रासुका लगा रहे हैं। यह तानाशाही भूपेश बघेल को बहुत भारी पड़ेगी। आने वाले चुनाव में जनता इस प्रकार के हिटलरशाही रवैये को सबक सिखाएगी। वे जनता की नहीं सुन सकते, जनता के सवालों का जवाब नहीं दे सकते तो घर में बैठ जाएं।

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी कोरबा जिले के कटघोरा विधानसभा के गांव रंजना में भेंट मुलाकात कार्यक्रम कर रहे थे। जांजगीर चांपा से आए युवक ने जमीन अधिग्रहण से संबंधित अनियमितता की शिकायत की तो मुख्यमंत्री ने संतोषजनक जवाब तो दिया नहीं। सुरक्षाकर्मियों ने युवक को घसीटते हुए सभा स्थल से बाहर कर दिया। क्या भूपेश बघेल यही हिटलरशाही चलाने के लिए राज्य में सब जगह घूम रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट मुलाक़ात के दौरान आम जनता द्वारा सवालों के तीर छोड़े जा रहे हैं, यह राज्य सरकार के ख़िलाफ़ जन आक्रोश की परिणति है तथा आने वाले चुनाव में छत्तीसगढ़ में परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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