*उत्कल समाज के विप्र जनों ने संगठित होकर खर्चीले रिती परंपराएं एवं कुरीतियों को दूर करने की ली शपथ*

रायगढ़/ (वायरलेस न्यूज) छत्तीसगढ़ प्रदेश उत्कल ब्राह्मण समाज का पुरन्दर मिश्रा के अगुवाई मे दो दिवसीय रायपुर से घरघोड़ा तक निकाली गई स्वभिमान यात्रा बसना , सरायपाली, सारंगढ़ पुसौर, और समापन घरघोड़ा में हजारों उत्कल ब्राह्मण महिला पुरुषों की गरिमा मयी उपस्थिति में संम्पन हुआ।प्रथम दिवस 24 जून को

रायपुर से पिथौरा,बसना, सराईपाली,बरमकेला, सरिया, पुसौर में बैठक,सभा करते हुये रात को रायगढ़ पहुँचा जहां पर समाज के महिला पुरुष गाजे बाजे व फटाकों के अलावा बाहर से आये अतिथियों को तिलक चन्दन पुष्पाहार व अंगवस्त्रों से अभिनन्दन किया गया,देर रात तक उत्साहपूर्ण माहौल में चले कार्यक्रम में समाज के अनेक वक्ताओं ने समाज सुधार व हितों के लिये उद्बोधान दिये।

स्वाभिमान यात्रा रायगढ़ पँहुचने पर जिला और ब्लॉक के विप्र जनों ने उनका जोरदार स्वागत और सम्मान किया,उत्कल ब्राह्मण विकास संगठन एव कल्याण समिति के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में समस्त तहसील एवं जिला के पदाधिकारी सदस्य महिला पुरुष एवं बच्चों ने फूल बरसा कर आतिशी स्वागत किया वही ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते गाते उनका ऐतिहासिक स्वागत किया गया श्री मिश्रा ने समस्त विप्रजनों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
25 मई की सुबह यात्रा घरघोड़ा जगन्नाथ भवन पहुंची जहां जगन्नाथ स्वामी के पूजा अर्चना कर बृहद सभा का कार्यक्रम प्रारम्भ हुआ। अतिथियों के सम्मान पश्चात समाज सुधार के विषय पर ब्यापक चर्चा हुई इसके बाद रायगढ़ जिला अध्यक्ष अरुण पंडा ने छत्तीसगढ़ ब्राह्मण समाज के संरक्षक पुरन्दर मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के लिए सत्यदेव शर्मा ने नाम का प्रस्तावित किया जिसे सभागार में उपस्थित समस्त विप्रजनों ने करतल ध्वनि से प्रस्ताव का समर्थन किया।रायपुर जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सतपथी, महासमुंद जिला अध्यक्ष नित्यानन्द मिश्रा,जशपुर जिला अध्यक्ष वाचस्पति मिश्रा व बिलासपुर जिला अध्यक्ष अमित मिश्रा ने अपने अपने जिला की ओर से पुरन्दर मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया।
विदित हो कि उत्कल ब्राह्मण समाज की स्वाभिमान यात्रा प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने रायपुर से रायगढ़ और घरघोड़ा तक निकली थी ,रायगढ़ जिले के विप्रजनों ने स्वागत हेतु रंगोली पुष्पहार रोली चंदन ढोल नगाड़े कर विशेष तैयारियां की ।
प्रवेश द्वार में स्वागत पश्चात स्वाभिमान यात्रा में पहुंचे अतिथियों को मंचासीन कर साल श्रीफल से सम्मानित किया गया वही मुख्य अतिथि पुरन्दर मिश्रा को 10 किलो के पुष्पहार से स्वागत किया गया उन्होंने ऐतिहासिक अभिनंदन के लिये सभी को उड़िया भाषा मे ही आभार जताया।
अन्य जिलों से आये अध्यक्षों ने भी सारगर्भित उद्बोधन प्रस्तुत किया। अंत मे मुख्य अतिथि पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि
ब्राह्मण पहले भी स्वाभिमान था अब भी है और हमेशा रहेगा।
आज पूरे छत्तीसगढ़ में यदि कोई समाज सर्वाधिक है तो वो है उत्कल समाज,केवल हम सभी को संगठित होना है जिससे हम हर समस्याओं का समाधान चुटकियों में कर सके,हम अपने समाज के अंतिम ब्यक्ति तक पहुँच कर उसकी सहायता कर सके यही उद्देश्य है,आज शिक्षा सांस्कृतिक ब्यापार नोकरी हर क्षेत्र में ब्राह्मण सबसे आगे है और जो पिछड़े हुए है उन्हें हमको सम्बल देना है उनका साथ देना है ताकि वो भी अपने समाज के आगे सिर उठा कर चल सके।समाज मे कुछ कुरीतियां भी है जिन्हें धीरे से हटाना है उसके लिये बुजुर्गों को भी विश्वास में लेकर कार्य करना होगा,क्योंकि बुजुर्ग ही हमारे नींव है उन्होंने जब रीति रिवाज बनाये थे तब की परिस्थिति अलग थी आज अलग है,प्रयास करेंगे जरूर अच्छा प्रतिसाद मिलेगा ।
स्वाभिमान यात्रा के दूसरे दिन घरघोड़ा के जगन्नाथ भवन में विशाल सभा का आयोजन किया जहां समाज मैं व्याप्त कुरीतियां और वैमनस्यता को दूर करने एक स्वर में स्वर मिलाया गया, वर्तमान समय समाज में चल रहे खर्चीली परंपराओं एवं कुरीतियों के लिए कुछ प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जैसे
1 विवाह लग्न दिन में हो
2 ब्रतोपनयन सामूहिक ही हो
3 दशकर्म –9 शीतल में 10 कर्म में घर घर के ब्यक्ति हो 12 वे में सामान्य भोजन हो ।
4 कर्मकांड पंडित को प्रोत्साहित करने 23 जनवरी को कर्मकांड सम्मेलन रायपुर में 2 दिनों का किया जाएगा
5 पति पत्नी कलह –थाना कोर्ट जने वाले का समाज समर्थन नही करेगा।
6 अंतर्जातीय विवाह–स्वीकार न करे,5 सदस्यीय टीम होगा,
आदि प्रस्तावित एजेंडों पर विप्रजनों ने चर्चा की।
उक्त जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी दीपक आचार्य ने दी

Author Profile

Amit Mishra - Editor in Chief
Amit Mishra - Editor in Chief
Latest entries