आरपीएफ आरक्षक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के खिलाफ विभागीय जांच पर उच्च न्यायालय ने लगाई रोक
बिलासपुर (वायरलेस न्यूज)वर्ष 2022 में आरक्षक शैलेंद्र मिश्रा के विरुद्ध एक एफआईआर दर्ज हुआ था जिस पर उनके ख़िलाफ़ एक व्यक्ति के साथ मिल कर रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया जिस पर सीबीआई जाँच चल रही है, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आर.पी.एफ. द्वारा दिनांक 17/11/2022 स्थानांतरण आदेश जारी किया गया, जिसके तहत अन्य बातों के साथ-साथ शैलेंद्र मिश्रा की सेवाएं मिर्जापुर रेल्वे सुरक्षा उत्तर प्रदेश से दक्षिण पूर्व रेलवे बिलासपुर, छत्तीसगढ़ को स्थानांतरित कर दी गईं। शैलेंद्र मिश्रा को उसके गृह राज्य उत्तर प्रदेश से छत्तीसगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया है, साथ ही साथ रेलवे सुरक्षा बल ने भी शैलेंद्र मिश्रा के खिलाफ़ समान आरोप जो की सीबीआई द्वारा लगाये गये थे उन्हीं पर विभागीय जाँच शुरू कर आरोप पत्र पेश किया जिसमे दस्तावेज़, साक्ष्य प्रस्तुत किए गये वो सारे ही सीबीआई द्वारा अपराधी प्रकरण में प्रस्तुत कर जाँच किए जाने थे । विभागीय जांच से परिवेदित हो कर शैलेन्द्र मिश्रा ने हाई कोर्ट अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और दीक्षा गौरहा के माध्यम से एक याचिका प्रस्तुत की जिस पर सुनवाई करते हुए मानिनय न्यायमूर्ति श्री पी. पी. साहू जी की एकलपीथ ने आरक्षक शैलेंद्र मिश्रा के ख़िलाफ़ चल रहे विभागीय जाँच पर 26.06.2023 को रोक लगाते हुए भारत सरकार से जवाब माँगा।
माननीय उच्च न्यायालय ने विभागीय जाँच पर रोक लगाते हुए याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा दिये गये। सर्वोच्च न्यायालय के अहम फ़ैसलों का उल्लेख किया जिनमें से कैप्टन एम. पॉल के मामलों में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर एंथोनी बनाम भारत गोल्ड माइन्स लिमिटेड (1999), भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बनाम नीलम नाग (2016), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और अन्य बनाम रवीन्द्र कुमार भारती (2022) में आत्म दोषारोपण का सिद्धांत स्थापित किया गया और यह की विभागीय जाँच में श्री मिश्र द्वारा दिये गये किसी भी कथन को आपराधिक प्रकरण में श्री मिश्रा के विरुद्ध इस्तेमाल किया जा सकता है जो आत्म दोषारोपण का सिद्धांत के विरुद्ध है। जिस पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश अनुसार माननीय उच्च न्यायालय ने चल रही विभागीय जाँच पर रोक लगते हुए उत्तरवादी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, और सहायक सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल और सहायक सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, जिला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश को जवाब तलब किया
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