रायपुर।(वायरलेस न्यूज) छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मंगलवार का दिन काफी हंगामेदार रहा। सदन में अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा जोरशोर से उठाया गया। इस दौरान बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह के बयान से सभी सन्न रह गए, उन्होंने सदन में इस्तीफे की पेशकश कर दी।
विधायक ने कहा कि पूरे प्रदेश में रेत के खदानों को ठेके में देकर ठेकेदारों की मनमानी करने की खुली छूट दे दी गई है। मंत्री जी से मैं कहना चाहता हूं, एक हेलीकॉप्टर मंगवा लिजिए और नदी के उपर से चलिए, अगर आपको 200 पोकलेन और बुलडोजर नहीं दिखेंगे तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा। अनुमति नहीं है फिर भी बिना अनुमति के ये लोग चलाते है। पुल के नीचे को भी खोदा जा रहा है। अरपा नदी को नोचा जा रहा है। विधायक ने मंत्री से मांग की है कि, विभाग के अधिकारियों को निर्देश दें और 15 दिन तक मुहिम चलाकर जब्ती कार्रवाई करें। सभी बाहुबलियों को इस व्यापार को करने से रोकिए और ग्राम पंचायतों के सरपंचों को दिजिए। इससे ये जो बाहुबली लोग है जो तहसीलदारों, अधिकारियों और कर्मचारियों को दौड़ाते है और पिटते है इस तरह की घटना नहीं होगी। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि, आगामी 15 दिनों तक हम लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई करेंगे और सभी पर शिकंजा कसेंगे।
वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि खनिज मे बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है, अवैध बिक्री हुई है। इसमें जांच करानी चाहिए, जो खनिज जब्त किए गए वह कहां गया ? इस पर ओपी चौधरी ने कहा कि खनिज उसे ही दे दिया जाता है, उससे पेनल्टी ली जाती है। विधायक रिकेश सेन ने कहा, कार्रवाई कर कड़ा संदेश देंगे, अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। ओपी चौधरी ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर जांच कराएंगे, कुछ विशेष हो तो उसकी सूची दें जांच होगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा- हम इसपर कार्रवाई करेंगे। रेत की व्यवस्था में कैसे सुधार हो इसपर सरकार विचार कर उचित निर्णय लेगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह ने कठोर कार्रवाई करने और अभियान चलाने के लिए कहा है, जिस पर वित्त मंत्री ने हामी भरी।
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