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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल छत्तीसगढ़ में एसईसीएल की फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे

On: February 23, 2024 10:44 AM

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल छत्तीसगढ़ में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स(एसईसीएल) की फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे

बिलासपुर ( वायरलेस न्यूज)प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने तथा सतत विकास को बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप कल छत्तीसगढ़ में कोयला मंत्रालय के अंतर्गत कोल इंडिया की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की तीन प्रमुख फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी परियोजनाओं का वर्चुअल रुप में उद्घाटन करेंगे। यह परियोजनाएं 600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की हैं और तेज, पर्यावरण अनुकूल और कुशल मशीनीकृत कोयला निकासी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

एसईसीएल के दीपका क्षेत्र स्थित दीपका ओसीपी कोल हैंडलिंग प्लांट 211 करोड़ रुपये से अधिक लागत की एक प्रमुख परियोजना है। वार्षिक 25 मीट्रिक टन की कोयला हैंडलिंग क्षमता के साथ इस परियोजना में 20,000 टन की ओवरग्राउंड बंकर क्षमता और 2.1 किमी लंबी कन्वेयर बेल्ट है, जो प्रति घंटे 4,500 – 8,500 टन कोयले की तेजी से लोडिंग की सुविधा प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त यह परियोजना गड्ढे और रेल साइडिंग के बीच सड़क आधारित कोयले की आवाजाही को कम करके पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुनिश्चित करेगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन पर अंकुश लगेगा। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि रेक लोडिंग का समय एक घंटे से भी कम हो जाएगा और परिचालन दक्षता भी बढ़ेगी।

एक अन्य महत्त्वपूर्ण परियोजना एसईसीएल के रायगढ़ क्षेत्र में छाल ओसीपी कोल हैंडलिंग प्लांट है। इसे 173 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसमें वार्षिक 6 मीट्रिक टन कोयला संभालने की क्षमता के साथ एक ओवरग्राउंड बंकर, 1.7 किमी तक फैला एक कन्वेयर बेल्ट और 3,000 टन क्षमता का साइलो शामिल है।

इसके अतिरिक्त, एसईसीएल रायगढ़ क्षेत्र में बरौद ओसीपी कोल हैंडलिंग प्लांट है। इसे वार्षिक रूप से 10 मीट्रिक टन कोयले की हैंडलिंग के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह 216 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो गया है। 20,000 टन की ओवरग्राउंड बंकर क्षमता तथा 1.7 किमी कन्वेयर बेल्ट से लैस इस परियोजना में एक रैपिड लोडिंग सिस्टम है। यह प्रति घंटे 5000-7500 टन कोयला लोड करने में सक्षम है, लोडिंग प्रक्रिया को काफी सुव्यवस्थित बनाता है और परिचालन दक्षता में योगदान देता है।

पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ संरेखित ये परियोजनाएं पूरे क्षेत्र में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी प्रदान करने तथा कोयला अवसंरचना को बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त करती हैं। ये परियोजनाएं स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा करके और कुशल ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करके क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाएं पर्यावरणीय स्थिरता के सिद्धांतों को अपनाते हुए सड़कों के माध्यम से कोयला परिवहन पर निर्भरता को कम करती हैं और यातायात की भीड़, सड़क दुर्घटनाओं और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करती हैं।


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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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