बिलासपुर :- (वायरलेस न्यूज 13 मार्च 2024)  सेक्रो बिलासपुर मण्डल, रेलवे के कर्मचारियों तथा उनके परिवार के कल्याण के लिए हमेशा से ही कार्यरत है। साथ ही सेक्रो बिलासपुर मंडल ने समय समय पर भारत की संस्कृति को संरक्षित, संवर्धित व पोषित करने में भी अहम भूमिका निभाती आई है ।

इसी कड़ी दिनांक 12 मार्च 2024 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अंतर्गत मंडल सेक्रो द्वारा मंडल के महिला कर्मचारियों को सम्मानित करने हेतु सम्मान-समारोह का आयोजन लिटिल बन्नी स्कूल प्रांगण में किया गया । समारोह में मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती श्रद्धा पाण्डेय मुख्य अतिथि थी | इस अवसर पर सेक्रो उपाध्यक्षा श्रीमती मीनाक्षी राज, डॉ श्रीमती रश्मि देवांगन, सचिव श्रीमती मीरा यादव, कोषाध्यक्ष श्रीमती संध्या रंगाराव सहित अन्य सदस्याएं एवं महिला रेलकर्मियों की उपस्थिति रही ।
समारोह का शुभारंभ सेक्रो अध्यक्षा द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया | इसके पश्चात् महिला कर्मचारियों के मनोरंजन हेतु नृत्य व कवि गोष्ठी “शक्ति गर्जना” का आयोजन हुआ | कवि गोष्ठी में सुश्री श्रद्धा शौर्य व सुश्री कल्याणी डाहरे (नागपुर), सुश्री प्रियंका त्रिपाठी (कटनी) ने अपनी महिला सशक्तीकरण से संबन्धित कविताओं का पाठ कर उपस्थित महिला कर्मचारियों का उत्साहवर्धन व खूब मनोरंजन किए |
इसके पश्चात रेल संचलन में उत्कृष्ट कार्य संपादित करने वाले मंडल के 42 महिला कर्मचारियों को मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती श्रद्धा पाण्डेय के करकमलों से सम्मानित किया गया है |
इस अवसर पर मुख्य अतिथि तथा मंडल सेक्रो अध्यक्षा श्रीमती श्रद्धा पाण्डेय ने सभी को महिला दिवस की शुभकामनायें दी | अपने उद्बोधन में उन्होने कहा कि आप सभी साहसी और अविश्वसनीय महिलाओं की उपस्थिति और आपके द्वारा किए गए कार्यों का कुछ शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता। आप में से प्रत्येक में एक विशेष ख़ूबी है जो आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
महिलाएं पानी की तरह होती हैं और किसी भी रोल में फिट हो जाती है। व्यक्तिगत या पेशेवर जिंदगी, बड़े या छोटे काम, उद्यमी हो या कर्मचारी, प्रत्येक भूमिका में महिलाओं के संयोजन का सही मिश्रण दिखता है । महिलाओं के बिना दुनिया अधूरी है। स्त्री ही है जो इस धरती पर जीवन लाती है। वह बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और अपने घर को भी कुशलतापूर्वक प्रबंधित करती है।
आज के समय महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हैं बल्कि महिलाएं हर क्षेत्र में तरक्की कर रही हैं । देश की प्रगति में भी महिलाओं ने हर क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है |
कुछ लोग कहते है, नारी का कोई घर नहीं होता,
लेकिन सच तो ये है, कि नारी के बिना कोई घर नहीं होता।

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