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केन्द्रों में धान खरीदी की तैयारियां लगभग पूर्ण,14 नवम्बर से 140 केन्द्रों में शुरू होगी खरीदी* *नोडल अधिकारियों को मिला अंतिम प्रशिक्षण* *खरीदी शुरू होने को लेकर किसानों में भारी उत्साह*

On: November 11, 2024 4:29 PM

*केन्द्रों में धान खरीदी की तैयारियां लगभग पूर्ण*

*14 नवम्बर से 140 केन्द्रों में शुरू होगी खरीदी*

*नोडल अधिकारियों को मिला अंतिम प्रशिक्षण*

*खरीदी शुरू होने को लेकर किसानों में भारी उत्साह*

बिलासपुर, (वायरलेस न्यूज 11 नवम्बर 2024) /समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां जिले में लगभग पूर्ण कर ली गई है। खरीदी कार्य 14 नवम्बर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खरीदी केन्द्रों के नोडल अधिकारियों का अंतिम प्रशिक्षण आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में संपन्न हुआ। उन्हें विस्तार से उनके दायित्व को बताया गया और कठोरता से इनका पालन करने के निर्देश दिए गये। इस दफा नोडल अधिकारियों को पूरे समय खरीदी केन्द्र पर बैठकर नजर रखना होगा। हर दिन खरीदी की शुरूआत उनकी मौजूदगी से होगी और समापन भी उनके द्वारा किया जायेगा। अपर कलेक्टर आरए कुरूवंशी एवं खाद्य नियंत्रक श्री भदौरिया ने धान खरीदी के संबंध में राज्य शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। राजस्व् विभाग के पटवारी एवं कृषि विभाग के आरएईओ को इस बार नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले में 140 धान खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर 1 लाख 37 हजार किसान अपना धान बेच पाएंगे। समर्थन मूल्य में धान बेचने को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। वे बेसब्री से खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशिक्षण में बेचने लाने वाले धान सहित अन्य नियम कायदों की जानकारी दी गई। बताया गया कि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं रहनी चाहिए। इसके अलावा निम्न श्रेणी के धान का मिश्रण 6 प्रतिशत, डेमेज एवं डिस्कलर 5 प्रतिशत, अधपका एवं सिकुड़ा धान 3 प्रतिशत, बाह्य पदार्थ 1 प्रतिशत एवं कार्बनिक 1 प्रतिशत तक मान्य होगा। केवल पंजीकृत किसानों से उन्हें जारी टोकन के अनुसार धान खरीदा जायेगा। पुराने वर्षो से धान की खरीदी नहीं की जायेगी। सात दिवस पूर्व इस साल टोकन जारी किये जाएंगे। सीमांत एवं लघु किसानों को टोकन जारी करने में प्राथमिकता दी जायेगी। इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट का धान तौल में उपयोग किया जायेगा। एक बोरे में 40 किलोग्राम धान की भरती किया जायेगा। उपार्जन केन्द्रों पर धान का भण्डारण एवं सुरक्षा अच्छी तरह किया जाए। बारदाने की व्यवस्था के अंतर्गत आधा-आधा पुराने और नये बारदानें उपयोग में लाये जाएंगे। धान की ढेरी स्टेक प्लान के बारे में भी बताया गया। सभी तहसीलदारों को अपने तहसील का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे हर दिन निरीक्षण कर कलेक्टर को रिपोर्ट करेंगे। गड़बड़ी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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