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प्रकृति संरक्षण के माध्यम से विश्व बनेगा स्वस्थ — परमहंस प्रज्ञानानन्द स्वामी विश्व के 91 क्रिया योगी संतो का अमरकंटक में हुआ समागम

On: March 8, 2025 1:27 PM

प्रकृति संरक्षण के माध्यम से विश्व बनेगा स्वस्थ — परमहंस प्रज्ञानानन्द स्वामी

विश्व के 91 क्रिया योगी संतो का अमरकंटक में हुआ समागम

अमरकंटक / अनूपपुर/ ( मनोज कुमार दिवेदी वायरलेस न्यूज़) इन दिनों विश्व के अलग – अलग देशों के 91 क्रिया योगी संतगण अमरकंटक प्रवास पर हैं । शनिवार की सुबह 8 बजे से 11 बजे तक इन संतों ने माई की बगिया से रामघाट तक प्लास्टिक और अन्य हानिकारक कचरा एकत्रीकरण के लिये श्रमदान किया । विश्व प्रसिद्ध क्रिया योग संस्थान क्रिया योग इंटरनेशनल संस्थान अमेरिका, प्रज्ञान मिशन भारत, क्रिया योग जेंड्रम ऑस्ट्रिया यूरोप, क्रिया योग आश्रम ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अमेरिका द्वारा आयोजित क्रिया योग इंटरनेशनल के प्रमुख क्रिया योग विश्वगुरु परमहंस प्रज्ञानानन्द जी महाराज के नेतृत्व में हरिहरानंद ध्यान कुटीर, माई की बगिया के समीप अमरकण्टक में विगत एक सप्ताह के संत-मिलन और ध्यान साधना शिविर में उपस्थित विभिन्न देशों के आश्रमों के ब्रह्मचारी, ब्रह्मचारिणी, संन्यासी एवं संन्यासियों का एकत्रीकरण दुनियाभर का ध्यान आकृष्ट कर रहा है।
08/03/2025 शनिवार की सुबह 8-11 बजे तक माई की बगिया से पावन नर्मदा मंदिर पथ से नर्मदा नदी के रामघाट तट तक परमहंस प्रज्ञानानन्द जी महाराज के नेतृत्व में पर्यावरण स्वच्छता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिसमें अमरकण्टक ध्यान कुटीर प्रमुख स्वामी शुद्धानन्दगिरि जी महाराज, प्रयाग आश्रम से स्वामी परिपूर्णानंद गिरि, सियाटेल आश्रम से स्वामी आत्मविद्यानंद गिरि, टेक्सास आश्रम से स्वामी संपूर्णानंद गिरि, स्वामी सर्वात्मानंद गिरि, ब्राजील आश्रम से स्वामी ईश्वरानंद गिरि, वियेना आश्रम यूरोप से स्वतंत्रतानंद गिरि, पोलैंड से स्वामी प्रभवानंद गिरि, डेनवर आश्रम से स्वामी आध्यात्मानंद गिरि, शिकागो आश्रम से स्वामी सहजानंद गिरि, प्रमुख केन्द्र मायामी फ्लोरिडा यू.एस.ए. से स्वामी पूर्णात्मानंद गिरि, आस्ट्रेलिया आश्रम से ब्रह्मचारिणी श्याममयी, प्रज्ञान मिशन ओड़िशा के उपाध्यक्ष अचलानंद गिरि एवं सचिव स्वामी दिव्यस्वरूपानन्द गिरि, ज्ञानप्रभा मिशन से उपाध्यक्ष ज्ञानस्वरूपानंद गिरि एवं सचिव स्वामी शारदानंद स्वामी, स्वामी अरुपानंद गिरि महाराज, क्रियायोग आश्रम दुर्ग छत्तीसगढ से स्वामी श्रीधरानंद गिरि, ज्ञानप्रभा मिशन से राजस्थान में सेवा दे रहे स्वामी दुर्गेशानंद गिरि सहित अनेक संत सम्मिलित हुए।
इससे पूर्व वरिष्ठ पत्रकारों से चर्चा करते हुए परमपूज्य प्रज्ञानानन्द जी महाराज ने कहा कि भारत पुण्यभूमि है और अमरकंटक माता नर्मदा की उद्गम भूमि है।‌ यहाँ प्लास्टिक का उपयोग गलत है। यहाँ के लोग,नगर पालिका, प्रशासन के लोग, समाजसेवी संतगण स्वच्छ परिवेश ,पर्यावरण शुद्धता के लिये कार्य कर रहे हैं। इसके माध्यम से भारत स्वस्थ, सुन्दर ,मजबूत होगा। ध्यान साधना द्वारा मन और योग साधना द्वारा शरीर मजबूत होता है। जबकि प्रकृति संरक्षण के माध्यम से विश्व स्वस्थ हो सकता है। यह आवश्यक है कि हमारी धरती हरी भरी हो, गाय मां स्वस्थ हों, जल संरक्षण पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए। जंगल तेजी से कट रहे हैं। आश्रम के संस्थापक श्री गुरुजी को ध्यान करते हुए उन्होंने कहा कि हम जब भी आते हैं, स्वच्छता अभियान पर कार्य करते हैं। पूछे गये प्रश्न के उत्तर में उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ की सफलता पर उन्होंने कहा कि आधुनिक समाज सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार – प्रसार से और आर्थिक प्रगति होने से लोगों की सामर्थ्य मे वृद्धि हुई है‌ । जिसके कारण सत्तर करोड लोगों ने त्रिवेणी में पवित्र स्नान किया।
यह देखना होगा कि सनातन धर्म के प्रति यह समर्पण ,जागृति स्थायी है, आन्तरिक है या तात्कालिक । विभिन्न देशों मे युद्ध की स्थिति को उन्होंने दुखद बतलाते हुए कहा कि बडे देशों के लिये यह युद्ध व्यापार का माध्यम है। युद्ध मानसिक विकार है ।शांति ,स्वास्थ्य, आनंद, प्रगति ही स्थायित्व का आधार है।समाज मे विद्वेष से तात्कालिक लाभ हो सकता है, नुकसान देश का है। उन्होंने क्रियायोग पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इसे मानवता के विकास के लिये आवश्यक बतलाया। स्वच्छता अभियान उपरांत सभी संतगण मां नर्मदा उद्गम मन्दिर पहुँचे। वहाँ माई के दर्शन,पूजन कर प्रसाद ग्रहण किया।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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