*यह पहल महिला कर्मियों को एक प्रभावी और गैर-घातक उपकरण प्रदान कर उन्हें ज़मीनी स्तर पर चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाएगी।*
बिलासपुर ( वायरलेस न्यूज़ 8 मार्च, 2025)
महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, भारतीय रेलवे ने रेलवे सुरक्षा बल की महिला कर्मियों को मिर्च स्प्रे कैन से लैस करने का निर्णय लिया है। यह गैर-घातक लेकिन प्रभावी उपकरण महिला आरपीएफ कर्मियों को कठिन परिस्थितियों से निपटने में मदद करेगा, विशेष रूप से उन महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में, जो अकेले या बच्चों के साथ यात्रा कर रही हैं।
यह अभिनव कदम भारतीय रेलवे की लैंगिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को बढ़ावा देने की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मिर्च स्प्रे कैन उपलब्ध कराकर, महिला आरपीएफ कर्मियों को एक अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे खतरों को रोकने, उत्पीड़न की घटनाओं का तुरंत जवाब देने और संवेदनशील स्थानों जैसे कि दूरस्थ रेलवे स्टेशनों, चलती ट्रेनों और दूरस्थ रेलवे स्थानों में आपातकालीन स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभाल सकेंगी, जहाँ त्वरित सहायता उपलब्ध नहीं हो पाती।
इस पहल का समर्थन करते हुए, रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री मनोज यादव ने कहा, “यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के महिलाओं के सशक्तिकरण और सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। भारतीय रेलवे लगातार महिला यात्रियों की यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय कर रहा है। हमारी महिला आरपीएफ कर्मी शक्ति, देखभाल और धैर्य का प्रतीक हैं। मिर्च स्प्रे कैन से लैस करके, हम न केवल उनकी आत्मविश्वास और परिचालन क्षमता को बढ़ा रहे हैं, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी दे रहे हैं कि यात्रियों की सुरक्षा, विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
महिला आरपीएफ कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी रेलवे की प्रभावी नीतियों का ही परिणाम है। वर्तमान में आरपीएफ में महिलाओं की भागीदारी 9% है, जो कि सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सबसे अधिक है। इनमें से कई महिलाएँ ‘मेरी सहेली’ टीमों का हिस्सा हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 250 से अधिक ‘मेरी सहेली’ टीमें प्रतिदिन लगभग 12,900 महिला यात्रियों से संपर्क कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
महिला आरपीएफ कर्मियों की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संकट में फंसी महिला यात्रियों की मदद भी करती हैं। विशेष रूप से वे गर्भवती महिलाओं की सहायता करती हैं, जो यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा में आ जाती हैं। ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ के तहत 2024 में अब तक 174 महिलाओं को ट्रेन में सुरक्षित प्रसव कराने में मदद की गई है, जिसमें निजता, गरिमा और समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की गई। इसके अलावा, महाकुंभ जैसे बड़े आयोजनों के दौरान, महिला आरपीएफ कर्मियों ने अपने पुरुष साथियों के साथ मिलकर काम किया और प्रयागराज में स्नान के लिए आने वाली हजारों महिला श्रद्धालुओं की सहायता की।
नए उपकरण से लैस होकर, महिला आरपीएफ कर्मी शक्ति, करुणा और धैर्य का प्रतीक बनेंगी और भारतीय रेलवे की महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगी।
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Author Profile

- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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