*राजनीति भी समझे भारत का मन*

– *डॉ शाहिद अली*

(वायरलेस न्यूज़ नेटवर्क)

आपरेशन सिंदूर की शान बन चुकी कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी का संज्ञान मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ले लिया और टिप्पणी करने वाले मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह पर जुर्म दर्ज करने का आदेश भी सरकार को दे दिया है। मध्यप्रदेश में आदिम जाति कल्याण मंत्री और राजनीति में एक बड़ा जनजातीय चेहरा विजय शाह की टिप्पणी का यहां उल्लेख करना जरूरी नहीं है, लेकिन केबिनेट मंत्री विजय शाह की कथित टिप्पणी की घोर निंदा और उस पर कड़ी कार्रवाई ज़रुरी भी है।

भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में भी सोफिया कुरैशी पर मंत्री विजय शाह की टिप्पणी से भारी गुस्सा है। ये टिप्पणी ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को सैल्यूट करते हुए देश भर में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है और सेना के सम्मान में बड़े -बड़े आयोजन हो रहे हैं। ज़ाहिर तौर पर एक जिम्मेदार मंत्री की आपत्तिजनक टिप्पणी को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है, लोगों का मन दुखी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के आदेश से मंत्री विजय शाह पर इंदौर के महु थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पार्टी स्तर पर भी कड़ा फैसला होगा क्योंकि ऐसी अमर्यादित टिप्पणी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी आहत होंगे। भाजपा नेताओं में भी मंत्री विजय शाह के अमर्यादित आचरण को लेकर गंभीर प्रतिक्रिया देखी जा सकती है। विरोधी दलों ने मंत्री विजय शाह के खिलाफ ठोस कार्रवाई को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंत्री विजय शाह भी अब अपनी उस टिप्पणी पर माफ़ी मांगते दिख रहे हैं। महिलाओं में भी गंभीर प्रतिक्रिया है और इसे ना केवल भारतीय सेना का बल्कि यह महिला शक्ति का भी अपमान है। महिला आयोग भी मंत्री की टिप्पणी को लेकर गंभीर है।
राजनीति में ऐसी घटनाएं चिंता का विषय होती हैं क्योंकि विजय शाह लंबे समय से विधायक और सरकार में मंत्री हैं। हल्के उन्मादी और गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी की उम्मीद इतने अनुभवी नेता से नहीं की जा सकती है। देश एकजुट है। भारतीय सेना के अदम्य साहस और उसके पराक्रम को देश सलाम कर रहा है। देश की सीमाएं हमारी सैन्य शक्ति के हाथों पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
कोई भी आतंकवाद अब भारत में पनप नहीं सकता है। हमारे देश के जांबाज सिपाहियों और सेना नायकों ने दुनिया को आपरेशन सिंदूर का संदेश दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे लोकप्रिय और साहसी राजनेता ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में जो कुछ कहा उसका एक-एक शब्द करोड़ों हिंदुस्तानियों और हमारी सेना के मनोबल को ऊंचा उठाता है। आपरेशन सिंदूर पर प्रधानमंत्री ने जब ये कहा कि यह न्याय की अटल प्रतिज्ञा है तो हमें इसके निहितार्थ और भावनाओं को जरूर समझना चाहिए। ये नया भारत है और इसकी शक्ति को पहलगाम हमले के जवाब में दुनिया ने देख लिया है। अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। यह बात समझने में मुश्किल नहीं होना चाहिए कि जब हम नए भारत का दर्शन लेकर दुनिया में दस्तक दे रहें हैं वहां हम राजनीति में अपनी तुच्छ टिप्पणियों से माहौल क्यों बिगाड़ें।
भारत का मन बदल चुका है ये बात राजनीति के लोगों को भी समझना चाहिए। भारतीय सेना के नायकों से हमें देशप्रेम की प्रेरणा लेना चाहिए। अपने स्वार्थों के लिए ओछी टिप्पणियां राजनीति में भी हाशिए से बाहर हो चुकी हैं। इसलिए नेताओं को भी सोचना होगा कि नए भारत का दर्शन स्वच्छ राजनीति में ही संभव है। डिजिटल दुनिया के नक्शे में पारदर्शिता ज्यादा है। व्यर्थ के शोर-शराबे, टिप्पणियां और प्रदर्शन का समय जा चुका है। हमें अपने शब्दों में भी हिंसा का त्याग करना होगा। शांति, न्याय और समानता के रास्ते पर ही चलना होगा। अतः ऐसी अमर्यादित टिप्पणियों या आचरण से हमें किनारा करना होगा तभी हम भारत के लोग दुनिया को रास्ता दिखा सकते हैं।

*(लेखक सुप्रसिद्ध मीडिया शिक्षाविद् हैं* )
drshahidaliktujm@gmail.com
15/05/2025

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Amit Mishra - Editor in Chief
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