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जीएसटी विभाग ने साफ़ कर दिया है कि गरबा अब सिर्फ सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक कमर्शियल बिजनेस बन चुका है, सांस्कृतिक आयोजन या करोड़ों का धंधा ?

On: September 27, 2025 4:54 PM

बिलासपुर।( वायरलेस न्यूज) नवरात्रि की धूम के बीच बिलासपुर में गरबा आयोजनों के करोड़ों के कमर्शियल कारोबार पर जीएसटी विभाग की टेढ़ी नज़र पड़ गई है। विभाग ने कांग्रेस नेता व मेडिकल एक्यूपमेंट सप्लायर आशीष अवस्थी और करुणा ग्रुप समेत कई बड़े आयोजकों को 24 सितंबर को नोटिस थमाकर हड़कंप मचा दिया है। विभाग ने 7 दिनों के भीतर टिकट बिक्री, स्पॉन्सरशिप और आय-व्यय का पूरा ब्यौरा मांगा है, नहीं देने पर पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।यह कार्रवाई शहर के साइंस कॉलेज ग्राउंड, भाटिया ग्रुप और तिलक मैदान जैसे प्रमुख स्थानों पर लाखों की कमाई कर रहे हैं आयोजकों पर की गई है जो भारतीय संस्कृति को ठेंगा दिखाते हुए एक तो अश्लीलता फैला रहे है और लाखों की कमाई के बाद भीड़ टैक्स जमा नहीं कर रहे। अनुमान है कि शहर का कुल गरबा कारोबार 5 से 10 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

जीएसटी विभाग ने साफ़ कर दिया है कि गरबा अब सिर्फ सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि एक कमर्शियल बिजनेस बन चुका है। करुणा ग्रुप के इवेंट में 18% जीएसटी लागू होने की संभावना है, खासकर अगर एंट्री फीस 500 रुपये से अधिक है। जानकारी के मुताबिक, विभाग ने नोटिस में स्पष्ट कहा है कि खर्चे, आय और जीएसटी रिटर्न का पूरा विवरण 7 दिनों में जमा किया जाए।
विभागीय अधिकारियों ने बताया, हमारा उद्देश्य केवल टैक्स चोरी को रोकना है, न कि उत्सव को बाधित करना। रजिस्टर्ड आयोजकों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ भी मिलेगा।सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह नोटिस केवल करुणा ग्रुप तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में शहर के दर्जनों बड़े गरबा पंडालों पर भी छापेमारी की तलवार लटक रही है।

यह कोई नया विवाद नहीं है। 2022 में गुजरात में भी गरबा पर 18% टैक्स लगाने पर भारी बवाल मचा था। तब केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने साफ़ किया था कि सांस्कृतिक आयोजनों को छूट है, पर कमर्शियल इवेंट्स को नहीं। बिलासपुर में भी अब वही फॉर्मूला लागू हो रहा है। प्रशासन ने सभी आयोजकों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने, ध्वनि सीमा का पालन करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

तमन्ना भाटिया को बुलाने लाखों फूंके

बताया जाता है कि आयोजको ने पैसा कमाने लाखों रुपए फूंक दिया तमन्ना भाटिया को बिलासपुर बुलाने के लिए बड़ी रकम दी गई। लेकिन धार्मिक आयोजन की आड़ में सरकार को चुना भी लगाया।बताते है कि जिस समय तमन्ना भाटिया मंच पर पहुंची दोनों आयोजक उनके बाडी गॉड की भूमिका में नजर आए मगर तमन्ना ने उनकी तरफ देखा तक नहीं।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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