बिलासपुर ( अमित मिश्रा संपादक वायरलेस न्यूज़) बसंत ऋतु के आगाज होने एवं गर्मी की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक सौंदर्य में टेसू के फूल लोगों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करने लगते है, पतझड़ में झड़ चुके पत्तों के बाद पेड़ों की डालियों में केवल केसरिया रंग के फूल ही दिखाई पड़ते हैं,यह फूल कुदरती सुंदरता को बढ़ा देती है।
टेसू के इन्ही फूलों से परम्परागत रंग तैयार कर आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी होली खेली जाती है।
पलाश के हरे पेड़ों पर रक्तवर्णी फूल और कलियां जंगलों और सड़कों के दोनों ओर प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। पलाश के फूल से ही शीत ऋतु का विदाई माना जाता है।


छत्तीसगढ़ में आप जिस दिशा में चले जाइए जंगलों एवं सड़कों की सुंदरता देखती ही बनती है। चारों तरफ लालिमा की चादर ओढ़े नजर आती है। जिसका आनन्द आप बखूबी ले सकते है।
Author Profile
Latest entries
Uncategorized2026.04.10कर्म ही सच्ची पूजा का संदेश देता है श्रीमद्भागवत : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय* *श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना*
Uncategorized2026.04.10आर पी एफ दुर्ग :19 साल पुराने केस के स्थाई वारंट (PNBW) के आरोपी को किया गिरफ्तार
Uncategorized2026.04.10दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सुरक्षा बल नागपुर की तत्परता: वंदे भारत में खोई सोने की बाली ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत यात्री को लौटाई”*
Uncategorized2026.04.10वन्यजीवों की मौत की जानकारी वन विभाग के दस्तावेज में विधानसभा को अलग और आरटीआई में अलग किसको गुमराह कर रहे हैं ?


