*भनवारटंक स्टेशन पर अत्याधुनिक टनल संचार प्रणाली की सफल शुरुआत*
*रेल सुरंगों में संरक्षा एवं परिचालन दक्षता को मिलेगा नया आयाम*
बिलासपुर — ( वायरलेस न्यूज) 30 मार्च 2026
रेलवे संरक्षा एवं संचार अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के कुशल निर्देशन एवं प्रोत्साहन में भनवारटंक (BHTK) स्टेशन पर अत्याधुनिक टनल कम्युनिकेशन सिस्टम की सफलतापूर्वक स्थापना एवं कमीशनिंग की गई है। इस आधुनिक प्रणाली के माध्यम से स्टेशन तथा अप एवं डाउन दोनों सुरंग खंडों के बीच निर्बाध एवं सतत संचार स्थापित हो गया है, जिससे ट्रेन संचालन एवं रखरखाव कार्यों में समन्वय और अधिक प्रभावी होगा।
यह प्रणाली उन्नत वीएचएफ (वेरी हाई फ्रिक्वेंसी) तकनीक पर आधारित है, जो कठिन सुरंग वातावरण में भी विश्वसनीय संचार सुनिश्चित करती है, जहां पारंपरिक संचार माध्यम अक्सर बाधित हो जाते हैं। आधुनिक ऑप्टिकल ट्रांसमिशन तकनीक एवं रेडियो फ्रीक्वेंसी वितरण के समन्वय से यह प्रणाली सुरंग की पूरी लंबाई में सुदृढ़ सिग्नल कवरेज प्रदान करती है।
प्रणाली के केंद्र में स्टेशन पर स्थापित ऑप्टिकल मास्टर यूनिट (ओएमयू) है, जो सुरंगों में लगाए गए ऑप्टिकल रिमोट यूनिट्स (ओआरयू) से जुड़ी हुई है। ये इकाइयां रेडियो सिग्नलों को ऑप्टिकल सिग्नलों में परिवर्तित कर फाइबर नेटवर्क के माध्यम से संचारित करती हैं तथा पुनः उन्हें रेडियो सिग्नल में बदलकर सुरंग के भीतर प्रसारित करती हैं। साथ ही, लीकी केबल के उपयोग से सुरंग के भीतर निरंतर सिग्नल उपलब्ध रहता है, जिससे हैंडहेल्ड वीएचएफ रेडियो के माध्यम से कर्मचारियों को निर्बाध संचार सुविधा प्राप्त होती है।
स्थापना कार्य के दौरान ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछाना, एंटीना स्थापना, सुरंगों में रिमोट यूनिट्स का संयोजन तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति हेतु यूपीएस सिस्टम की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को अत्यंत सावधानीपूर्वक एवं योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ग्राउंडिंग एवं सिस्टम सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया।
कमीशनिंग के दौरान ऑप्टिकल लिंक का परीक्षण, सिग्नल गुणवत्ता की जांच, प्रणाली के विभिन्न मानकों का कॉन्फ़िगरेशन तथा बैकअप पावर एवं अलार्म मॉनिटरिंग की व्यापक जांच की गई। परीक्षणों में सुरंग की संपूर्ण लंबाई में स्पष्ट एवं प्रभावी संचार की पुष्टि हुई।
यह प्रणाली 146–163 मेगाहर्ट्ज वीएचएफ बैंड पर कार्य करती है, जिससे यह रेलवे के मानक संचार उपकरणों के साथ पूर्णतः अनुकूल है। साथ ही, मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से दूरस्थ निगरानी एवं त्वरित दोष निदान की सुविधा भी उपलब्ध है।
भनवारटंक स्टेशन पर इस टनल कम्युनिकेशन सिस्टम की शुरुआत रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रणाली आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के साथ-साथ ट्रेन संचालन की समग्र दक्षता को भी बढ़ाएगी।
यह पहल आधुनिक तकनीकों को अपनाने एवं सुरक्षित, स्मार्ट एवं विश्वसनीय रेल परिवहन प्रणाली के निर्माण की दिशा में रेलवे की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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Author Profile

- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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