बिलासपुर। ( वायरलेस न्यूज) पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर को लेकर जो अफवाह हो रहा है उसको लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में प्रेसवार्ता आयोजित की और बताया कि पहले तुलना में डिमांड जरूर बढ़ी है लेकिन सप्लाई कम नहीं हुआ है। बल्कि डिमांड को देखते हुए सप्लाई बढ़ाई गई है। कुछ स्टोर करने के लिए भी खरीद रहे है। लेकिन इस भीषण गर्मी में ज्वलनशील पदार्थों को स्टोर करना भी खतरा है। इसकी किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। जिले में पेट्रोल, डीजल और LPG पर्याप्त है
पत्रकारों को उन्होंने बताया जिन देशों से पेट्रोल, डीजल और LPG आता है वह युद्ध में फंसे हुए है। इसके कारण पूरी दुनिया को पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई बाधित हुई है। लेकिन हमारे यहां इनकी सप्लाई में कोई असर नहीं हुआ है। आज से तीन चार महीने पहले जितना पेट्रोल, डीजल और LPG आता था आज भी उतना आ रहा है। इतना जरूर है कि अफवाह के कारण डिमांड बढ़ गया है। जिले में सामान्य दिनों में करीब 9 हजार सिलेंडर रोज आता था, आज भी उतना ही आ रहा है। लेकिन वर्तमान में अफवाह के कारण 27 हजार हो गई है। यानी करीब 17 हजार अतिरिक्त सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। जो लोग कई महीने तक नंबर नहीं लगाए थे वे भी रिफिल बुक करा रहे है। इसकी वजह यही है कि मध्य एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बाद फैली भ्रामक खबरों के कारण लोग स्टोरेज करना चाहते है। लेकिन इस भीषण गर्मी के कारण ज्वलनशील पदार्थों का स्टोरेज भी खतरा है। आग लगने के खतरा बढ़ जाता है। श्री अग्रवाल ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में भी कोई कमी नहीं है। चार महीने पहले 70 किलो लीटर डीजल की मांग थी आज 100 किलो लीटर की मांग है। इसी तरह पेट्रोल का प्रतिदिन 100 किलो लीटर खपत था आज 130 किलो लीटर की मांग है। पेट्रोल और डीजल दोनों में 20 से 30 किलो लीटर की मांग बढ़ गई है। जबकि इससे ज्यादा की सप्लाई हो रही है।
शिकायतें मिली हैं कि कुछ एजेंसियां सिलेंडर में तय मात्रा करीब 14.2 किलो) से कम गैस भरकर 10–12 किलो ही उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं। कलेक्टर ने इसे सीधे उपभोक्ता अधिकारों पर हमला बताया और दो टूक कहा—“प्रमाण मिला तो संबंधित एजेंसी का लाइसेंस तुरंत निरस्त होगा।” अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर शिकायत पर तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने इस दौरान स्पष्ट किया कि उन्हें जानकारी है कि इस प्रकार की गलतियां कौन सी एजेंसी कर सकती है। ऐसे लोग कार्रवाई के लिए तैयार रहे l

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Amit Mishra - Editor in Chief
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