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मोदी सरकार महंगाई, ईंधन संकट और बेरोजगारी पर पूरी तरह विफल – शैलेश पांडेय कांग्रेस की पत्रकार वार्ता में, केंद्र सरकार पर तीखा हमला, पेट्रोल-डीजल और उर्वरक संकट को बताया जनविरोधी नीति का परिणाम

On: May 15, 2026 8:23 AM

मोदी सरकार महंगाई, ईंधन संकट और बेरोजगारी पर पूरी तरह विफल – शैलेश पांडेय

कांग्रेस की पत्रकार वार्ता में, केंद्र सरकार पर तीखा हमला, पेट्रोल-डीजल और उर्वरक संकट को बताया जनविरोधी नीति का परिणाम

“जनता को बचत की सलाह देने वाली सरकार पहले अपने मंत्रियों के काफिले कम करे” – कांग्रेस नेताओं का आरोप

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही( वायरलेस न्यूज) :- जिला मुख्यालय में आयोजित कांग्रेस की पत्रकार वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार पर महंगाई, पेट्रोल-डीजल संकट, उर्वरकों की कमी, बेरोजगारी तथा आर्थिक नीतियों को लेकर जमकर हमला बोला गया। पत्रकार वार्ता को मुख्य रूप से बिलासपुर के पूर्व विधायक एवं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रभारी शैलेश पांडेय ने संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से कम उपयोग और बचत की अपील करना जनता के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। पिछले दो महीनों से देश के कई हिस्सों में डीजल, पेट्रोल और गैस संकट बना हुआ है तथा आम जनता लगातार बढ़ती महंगाई से परेशान है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री द्वारा किसानों को उर्वरकों का उपयोग कम करने, कर्मचारियों को “वर्क फ्रॉम होम” करने, महिलाओं को खाद्य तेल और गैस की खपत कम करने तथा लोगों को सोना और विदेश यात्रा से बचने की सलाह देना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने कहा कि देश में लगातार उर्वरकों की कमी बनी हुई है। किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित हो रहा है और खेती की लागत बढ़ती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली केंद्र सरकार अब किसानों को कम उर्वरक उपयोग करने की सलाह दे रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता है, लेकिन अब तक सीमित मात्रा में ही उर्वरक सोसायटियों तक पहुंच पाया है, जिससे किसान परेशान हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री की “वर्क फ्रॉम होम” संबंधी अपील पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फेरी लगाने वाले, मजदूर, दुकानदार और फील्ड में कार्य करने वाले लोग घर बैठकर काम कैसे करेंगे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने “आराम हराम है” का संदेश दिया था, जबकि वर्तमान सरकार लोगों को काम कम करने की सलाह दे रही है।
पत्रकार वार्ता में कहा गया कि महंगाई ने आम परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खाद्य तेल, गैस, दाल, सब्जियों सहित आवश्यक वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल पर भारी टैक्स लगाकर केंद्र सरकार ने जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वर्ष 2013 की तुलना में आज सोने की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर प्रधानमंत्री आम जनता को सोना न खरीदने की सलाह दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की नीतियों से महंगाई लगातार बढ़ रही है।
पत्रकार वार्ता में प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार करोड़ों रुपये विदेश यात्राओं और विशेष विमानों पर खर्च कर रही है, जबकि जनता को ईंधन बचाने की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में ईंधन बचाना चाहती है तो मंत्रियों और नेताओं के बड़े काफिलों पर रोक लगानी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ी हैं और इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ा है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, रेल किराए, टोल टैक्स तथा आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी के कारण आम परिवारों की आय और बचत दोनों प्रभावित हुई हैं।
पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार पर रणनीतिक तेल भंडारण क्षमता बढ़ाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के समय विशाखापट्टनम, मंगलुरु और पाडुर में तेल भंडारण केंद्र बनाए गए थे, लेकिन पिछले 12 वर्षों में नए भंडारण केंद्रों का निर्माण नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में केंद्र सरकार संकट प्रबंधन में असफल साबित हुई है और प्रधानमंत्री विपक्षी दलों के साथ संवाद स्थापित करने के बजाय जनता से कम उपयोग की अपील कर रहे हैं।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक मरवाही, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गजपति भानु, जिला महामंत्री पुष्पराज सिंह ठाकुर, मनीष दुबे, मूलचंद कुशराम सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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