मनियारी तट पर आस्था का भव्य संगम, त्रियुगी मंदिर बना श्रद्धालुओं की पहली पसंद

बिरला मंदिर की तर्ज पर राजस्थान के लाल पत्थरों से बना भव्य मंदिर, सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ा भक्तों का सैलाब

*(बिल्हा निवासी श्री नरेश अग्रवाल)*
बिलासपुर (अमित मिश्रा)। बिलासपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर बिल्हा के धौराभाठा में मनियारी नदी के पावन तट पर बना त्रियुगी मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। बिरला मंदिर की तर्ज पर राजस्थान के लाल पत्थरों से निर्मित यह भव्य मंदिर धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है।
रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। वहीं सावन के अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालु बड़ी संख्या में भगवान महादेव का जलाभिषेक करने के लिए पहुंचे थे। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
सीता-राम, लक्ष्मीनारायण और राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रतिमाएं

मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित संगमरमर की मनोहारी प्रतिमाएं हैं। मंदिर में सीता-राम, लक्ष्मीनारायण और राधा-कृष्ण के भव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा परिसर में मां दुर्गा और भगवान हनुमान की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं।
वहीं भगवान महादेव का बड़े आकार का काले पत्थर से निर्मित शिवलिंग भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
दो एकड़ में फैला भव्य मंदिर परिसर

मंदिर के संबंध में श्री नरेश अग्रवाल ने बताया कि त्रियुगी मंदिर का निर्माण मनियारी नदी के तट पर स्थित प्रसिद्ध प्राचीन “भूलकेश्वर महादेव” मंदिर के समीप किया गया है। इस मंदिर की खासियत यह बताई जाती है कि बारिश में यह मंदिर और सामने बैठे नंदी महराज नदी के बहाव में डूबी रहती है और सूखे दिनों में मंदिर के सामने बैठे नंदी महराज के नीचे से पाताल लोक से लगातार पानी का रिसाव रहता है इसलिए इसका नाम भूलकेश्वर महादेव पड़ा है, यह करीब दो एकड़ क्षेत्रफल में राजस्थान के लाल पत्थरों से निर्मित यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला के कारण दूर से ही आकर्षित करता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पुजारी पूरे समय उपलब्ध रहते हैं। इसके अलावा प्रसाद ग्रहण करने के लिए एक बड़ा और सर्वसुविधायुक्त हॉल भी बनाया गया है, जहां भक्त बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं।
नदी, हरियाली और मंदिर का अद्भुत नजारा
मनियारी नदी के किनारे स्थित होने के कारण त्रियुगी मंदिर का प्राकृतिक वातावरण इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देता है। नदी की कल-कल धारा, आसपास की हरियाली और लाल पत्थरों से बना भव्य मंदिर श्रद्धालुओं के साथ प्रकृति प्रेमियों को भी अपनी ओर आकर्षित करता है।
श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा बिल्हा के अग्रवाल परिवार
बिल्हा निवासी श्री नरेश अग्रवाल एवं उनका पूरा परिवार मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में सक्रिय रूप से जुटा रहता है। दर्शनार्थियों की सुविधा, प्रसाद व्यवस्था और अन्य सेवा कार्यों में परिवार के सदस्य पूरे समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाते हैं।
धार्मिक आस्था, भव्य स्थापत्य और मनियारी नदी की प्राकृतिक सुंदरता का यह संगम त्रियुगी मंदिर को बिलासपुर अंचल के एक उभरते धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिला रहा है।
Author Profile

- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries
छत्तीसगढ़August 24, 2026मनियारी तट पर आस्था का भव्य संगम, “त्रियुगी मंदिर” बना श्रद्धालुओं की पहली पसंद,बिरला मंदिर की तर्ज पर राजस्थान के लाल पत्थरों से बना भव्य मंदिर, सावन के अंतिम सोमवार को उमड़ा भक्तों का सैलाब
अन्यAugust 23, 2026सौर ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
बिलासपुरAugust 22, 2026अनहाइजीनिक तरीके से मिक्स केक बनाने पर प्रबल फूड प्रोडक्ट का रजिस्ट्रेशन निलंबित
राष्ट्रीयAugust 22, 2026क्या राहुल गांधी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया ?नेता प्रतिपक्ष के आचरण और कार्य व्यवहार पर गंभीर सवाल


