राजसी ठाठ छोड़ गांव की चौपाल तक पहुँच रहे जूदेव, सादगी से जीत रहे ग्रामीणों का दिल,
राजसी वैभव छोड़ राजकुमार विजय आदित्य सिंह जूदेव, ने ग्रामीणों के बीच बिताई रातें

जशपुर (वायरलेस न्यूज छत्तीसगढ़)
भारतीय जनता पार्टी के ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान’ ने इस बार संगठनात्मक गतिविधियों से आगे बढ़कर जनभावनाओं को छूने का काम किया। इस अभियान के दौरान भाजयुमो जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव का सादगीपूर्ण और आत्मीय व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
राजघराने से जुड़े होने के बावजूद विजय आदित्य ने गांव-गांव जाकर न केवल बैठकों में भाग लिया, बल्कि कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों के घरों में रात्रि विश्राम कर एक अलग मिसाल पेश की। उन्होंने जमीन पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनीं और हर व्यक्ति से परिवार जैसा संबंध जोड़ा।
उनकी इस सहजता ने क्षेत्र के बुजुर्गों को स्वर्गीय कुमार दिलीप सिंह जूदेव की याद दिला दी। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह “कुमार साहब” जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में शामिल होते थे, उसी परंपरा को विजय आदित्य आगे बढ़ा रहे हैं।
पंडरा पाठ और आसपास के गांवों में लोगों ने भावुक होकर कहा कि “इतने बड़े परिवार से आने के बाद भी जब कोई हमारे बीच आकर हमारी तरह रहता है, तो वह दिल में बस जाता है। अब हमें अपना बेटा मिल गया है।”
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित होकर विजय आदित्य सिंह जूदेव संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। कार्यकर्ताओं के साथ उनका सहज जुड़ाव और सेवा भाव यह दर्शाता है कि वे राजनीति को केवल पद नहीं, बल्कि जनसेवा और रिश्तों का माध्यम मानते हैं।
‘प्रशिक्षण महाअभियान’ के जरिए स्थापित यह आत्मीय संबंध आने वाले समय में जिले की राजनीति में नई दिशा देने वाला साबित हो सकता
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