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भगवान शिव लोक कल्याण के देव -डा सुशील त्रिवेदी

On: April 16, 2026 4:50 PM

भगवान शिव लोक कल्याण के देव
-डा सुशील त्रिवेद्वी

रायपुर। ( वायरलेस न्यूज) सुप्रसिद्ध चिकित्सक और कवयित्री डॉ शीला गोयल की पुस्तक आशुतोष तुम औघड़दानी का विमोचन करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस डॉ सुशील त्रिवेदी ने कहा कि शिव लोककल्याण के देव हैं और आधुनिक समय में उनसे प्रेरणा लेकर हम शांति के साथ जीवन जी सकते हैं। इस समारोह की अध्यक्षता पूर्व कुलपति डॉ अरुणा पल्टा ने की।
समारोह के मुख्य अतिथि डॉ सुशील त्रिवेदी ने कहा कि लेखिका ने शिव की महिमा को आज के समय से जोड़ लिया है। वे स्वयं एक चिकित्सक रही हैं। समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा देने का काम वे कर रही हैं।समारोह की अध्यक्ष पूर्व कुलपति डॉ अरुणा पल्टा ने कहा कि विषम परिस्थितियों में लेखिका ने शिव जी की आराधना करके समय को अपने अनुकूल कर लिया है।‌ शिव जी का औघड़ दानी स्वरूप सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।‌ शिव हमें विषमता का मुकाबला धैर्य से करना सिखाते हैं। कल्याण और आनंद के वे समन्वयक हैं। विशिष्ट अतिथि श्रीमती शताब्दी पांडेय ने कहा कि शिव जी प्रतिकूलता के विरुद्ध अनुकूलता का निर्माण करते हैं। शिव जी जहर पीना सिखाते हैं, वे जहर उगलना नहीं सिखाते। शिव कल्याण स्वरूप हैं।समीक्षा पाठ करते हुए डॉ मृणालिका ओझा ने कहा कि लेखिका ने धर्म को जीवन दृष्टि और अनुभव से देखा है। आज का व्यस्त समय में यह पुस्तक एक मार्गदर्शिका की तरह है। डॉ शीला गोयल का लेखन सांस्कृतिक अनुष्ठान की तरह है। शिवजी की स्तुति लोकगामी है। पुस्तक तीर्थयात्रा की तरह है। विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद डॉ संध्या वर्मा ने कहा कि लेखिका ने अत्यंत परिश्रम और मनोयोग से सामग्री का संकलन और संपादन किया है।‌ आध्यात्मिक रूप से उन्होंने पाठकों को धर्म, संस्कृति और पर्यटन से परिचित कराया है।नीलम दिवा कीर्ति, सुनंदा चौधरी और शताब्दी पांडेय ने शीला गोयल द्वारा रचित भजन का गायन किया। युवा कवि परम कुमार ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रुद्राक्ष स्त्रोत का पाठ किया। विशिष्ट अतिथि शताब्दी पांडेय ने कहा कि यह पुस्तक आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है। शिव का आशुतोष स्वरूप की आज के समाज की जरूरत है। लेखिका डॉ शीला गोयल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिव जैसा महादानी संसार में कोई नहीं है। प्रारंभ में डा जे के गोयल ने अतिथियों का स्वागत किया। संयोजक डॉ सुधीर शर्मा ने इस पुस्तक की रूपरेखा की जानकारी दी।‌ वैभव प्रकाशन तथा शहर की अन्य संस्थाओं द्वारा लेखिका डॉ शीला गोयल का अभिनंदन किया गया। युवा कवि परम कुमार और वरिष्ठ कवि योगेश योगी ने शिव जी को केंद्र में रखकर अपनी रचनाओं का पाठ किया। आभार व्यक्त डॉ सीमा निगम ने किया।
समारोह में प्रमुख रूप से डॉ रमेंद्रनाथ मिश्र, डॉ सुरेश देशमुख, विजय मिश्रा, त्रिलोक महावर, मंजूषा अग्रवाल, सीमा अवस्थी, लतिका भावे, राजेंद्र ओझा, डॉ अरविन्द नेरल, राजेश गनोदवाले आदि शामिल थे।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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