रायपुर (अमित मिश्रा वायरलेस न्यूज) आने वाले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में आईएफएस अधिकारियों की जबरदस्त कमी होने वाली है इस कमी को शासन कैसे पूरा करेगी विचारणीय है क्या श्रीनिवास राव के कार्यकाल में साउथ के आईएफएस अधिकारियों को छत्तीसगढ़ में भर दिया गया था जिनको कभी छत्तीसगढ़ के विकास से कोई लेना देना नहीं रहा है बल्कि कमाओ और अपने प्रदेश में बड़े बड़े बिजनेस प्रारंभ कर लिए है। बिलासपुर में एक आईएफएस तो ऐसा है जो महीने में दो बार अपने घर प्लेन से जाना आना करता है आखिर ऐसा क्यों करने जाता है ये विभाग के लोगों और रेंजरों को भी मालूम है लेकिन शासन को कोई मतलब नहीं है । जबकि एक रिटायर्ड वन अधिकारी का आंध्रप्रदेश में फाइव स्टार होटल संचालित हो रहा है। छत्तीसगढ़िया अधिकारियों की कोई पूछ परख नहीं है।
प्रदेश में 195 का कैडर है, पदस्थ 153 की है , 15 प्रतिनियुक्ति पर है,जिसमें से इसी माह चार आईएफएस रिटायर्ड होने वाले हैं लगता है इसी के बाद फेरबदल की संभावना होगी।
सेवा निवृत्ति होने वाले में अनिल साहू लघु वनोपज संघ के एम डी है,प्रेम कुमार वन विकास निगम,आलोक तिवारी और राजेश चंदेल है। बहुत जल्द रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और जगदलपुर के अधिकारी इधर से उधर स्थांतरित किए जाएंगे। 30 वर्ष से कार्यरत वन अधिकारियो की कमी है मात्र एक ही अधिकारी ओ पी यादव ही है।
बिलासपुर के एटीआर के विवादास्पद आई एफ एस गणेश को भी हटाये जाने की चर्चा हो रही है।

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