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जगदलपुर के बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आई गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) , 150 से अधिक बच्चों के लिए भेजी स्टेशनरी सामग्री और प्रदान की आर्थिक सहायता

On: October 15, 2026 4:02 AM

जगदलपुर के बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आई गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS) , 150 से अधिक बच्चों के लिए भेजी स्टेशनरी सामग्री और प्रदान की आर्थिक सहायता

अनुसूचित जनजाति विशेष घटक योजना का पैसा अन्य मदों में खर्च न हो, जनजातीय समुदायों के विकास पर ही किया जाए व्यय : श्रीप्रकाश सिंह निमराजे

ग्वालियर, मध्य प्रदेश। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS), ग्वालियर ने आर्थिक सहयोग प्रदान करने के साथ 150 से अधिक बच्चों के लिए स्टेशनरी सामग्री भेजी है। संस्था की इस पहल का उद्देश्य आपदा प्रभावित परिवारों को कठिन परिस्थितियों में सहयोग देना और बच्चों की शिक्षा को बाधित होने से बचाने की दिशा में प्रयास करना है। संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने इस अवसर पर जनजातीय समुदायों के विकास के लिए निर्धारित बजट के उचित उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अनुसूचित जनजाति विशेष घटक योजना की राशि किसी अन्य मद में खर्च न की जाकर जनजातीय समुदायों के विकास पर ही व्यय की जानी चाहिए।

बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए मानवीय पहल

प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रभावित परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों, दैनिक आवश्यकताओं की कमी और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बाढ़ जैसी परिस्थितियों में परिवारों की आजीविका और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने के साथ बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो सकती है। ऐसे समय में राहत एवं पुनर्वास के साथ शैक्षणिक आवश्यकताओं पर ध्यान देना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

गोपाल किरन समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि आपदा के समय जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना संस्था की सामाजिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है। संस्था ने जगदलपुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने के साथ 150 से अधिक बच्चों के लिए स्टेशनरी सामग्री भेजी है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना और विपरीत परिस्थितियों में भी उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देना है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक विकास और समान अवसरों की आधारशिला भी है। किसी भी आपदा का प्रभाव बच्चों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए। समाज के सक्षम नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं को संकट के समय प्रभावित परिवारों के साथ खड़े होकर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग करना चाहिए।

अनुसूचित जनजाति विशेष घटक योजना की राशि जनजातीय विकास पर ही खर्च हो

श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए निर्धारित बजट का उपयोग उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप किया जाना आवश्यक है। अनुसूचित जनजाति विशेष घटक योजना का पैसा किसी अन्य मद में खर्च करने के बजाय जनजातीय समुदायों के विकास पर ही खर्च किया जाना चाहिए। निर्धारित धनराशि का लाभ लक्षित समुदायों तक पहुँचना चाहिए, ताकि उनके जीवन स्तर में वास्तविक सुधार हो सके।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों के विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, आवास, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। योजनाओं के लिए बजट निर्धारित करना तभी सार्थक होगा, जब उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे और संबंधित समुदायों को उसका वास्तविक लाभ मिले।

श्री निमराजे ने इस बात पर जोर दिया कि विकास योजनाओं की सफलता केवल घोषणाओं या बजट आवंटन से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन और परिणामों से मापी जानी चाहिए। निर्धारित धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी सुनिश्चित होनी चाहिए। योजना का पैसा जिस समुदाय के विकास के लिए निर्धारित किया गया है, उसका उपयोग उसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया जाना चाहिए।

सामाजिक न्याय और समावेशी विकास पर जोर

श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता और जनजातीय समुदायों के विकास से जुड़े मुद्दे सामाजिक न्याय तथा समावेशी विकास के व्यापक दृष्टिकोण से जुड़े हैं। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है कि उनके लिए निर्धारित संसाधनों का उपयोग प्रभावी ढंग से किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचे और विकास योजनाओं का लाभ पात्र समुदायों को मिले। आपदा के समय राहत उपलब्ध कराने के साथ दीर्घकालिक विकास, शिक्षा और आजीविका से जुड़ी जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

शिक्षा, सामाजिक न्याय और सामुदायिक विकास के लिए प्रतिबद्ध GKSSS

गोपाल किरन समाजसेवी संस्था (GKSSS), ग्वालियर शिक्षा, सामाजिक न्याय, वंचित समुदायों के कल्याण, महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में कार्य करती रही है। संस्था जरूरतमंद परिवारों की सहायता और समाज में समान अवसरों को प्रोत्साहित करने के लिए अपनी क्षमता एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्रयास करती है।

जगदलपुर के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहयोग और 150 से अधिक बच्चों के लिए स्टेशनरी सामग्री भेजने की पहल संस्था की इसी सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। संस्था का उद्देश्य है कि कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद परिवारों को सहयोग मिले और बच्चों की शिक्षा जारी रखने के अवसर सुरक्षित रहें।

श्रीप्रकाश सिंह निमराजे ने समाज के सक्षम नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आएँ। साथ ही उन्होंने जनजातीय समुदायों के विकास के लिए निर्धारित बजट के उचित उपयोग, योजनाओं की जवाबदेही और वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुँचाने को आवश्यक बताया।

उन्होंने कहा कि सामाजिक सेवा का वास्तविक अर्थ जरूरतमंदों के साथ खड़े होने, शिक्षा को प्रोत्साहित करने और विकास के संसाधनों का लाभ संबंधित समुदायों तक पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयास करने में है।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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