विष्णुदेव साय, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत भी रहे साथ
रायपुर (वायरलेस न्यूज़ 24 मई) टूलकिट मामले में एफआईआर दर्ज करने के विरोध में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह के अपनी गिरफ्तारी देने के लिए सोमवार को सिविल लाइन थाने पहुंचे. यहां पुलिस ने उन्हें पुलिस स्टेशन के बाहर ही रोक दिया. इस पर रमन सिंह थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए हैं. वह अपनी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. उनके साथ विष्णुदेव साय, धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत जैसे वरिष्ठ नेता भी धरने पर बैठ गए हैं. वहीं, मौके पर भाजपा कार्यकर्ता लगातार नारे लगा रहे हैं.
इस मामले में राजनीतिक सरगर्मियां अचानक बढ़ गई हैं. छत्तीसगढ़ बीजेपी ने प्रदेश व्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया है. प्रदेश के सभी थानों में रमनसिंह के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ता 05-05 की संख्या में सभी थानों पर आज 3 बजे से प्रदर्शन कर गिरफ्तारी देंगे. बता दें कि टूलकिट FIR के विरोध में सरकार के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन जारी है.
टूलकिट विवाद का सबसे ज्यादा असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है. छत्तीसगढ़ में सत्ताधारी दल कांग्रेस पहले बीजेपी पर हमलावर हुई तो इससे एक कदम आगे बढ़कर पुलिस प्रशासन ने बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूछताछ का नोटिस भेज दिया.
सिविल लाइन पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस के अनुसार राजधानी रायपुर की सिविल लाइन पुलिस 24 मई को दोपहर 12:30 बजे रमन सिंह के निवास स्थान जाकर उनसे पूछताछ करने वाली थी. इस पर बड़ा दांव चलते हुए रमन सिंह सहित कुल 5 नेता आज सुबह 10:00 बजे सिविल लाइन थाने पहुंचकर अपनी गिरफ्तारी की मांग करने लगे.
अब रायपुर के सिविल लाइन पुलिस ने जिस टूलकिट मामले में एफआईआर दर्ज कर सिंह को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए समय तय किया है, उससे पहले ही डॉ. सिंह द्वारा थाने पहुंचकर गिरफ्तारी देने की मांग के तहत पुलिस के सामने उलझन पैदा हो गई है. पुलिस ने जिन्हें आरोपी बनाया है, वही जब खुद गिरफ्तारी देने थाने पहुंचे तो पुलिस की परेशानी बढ़ गई.
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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