25 लाख का है इनामी.

जगदलपुर 24 जून 2021
वायरलेस न्यूज अरुण पाढ़ी /
महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई बड़े लीडर कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं. जिसमें दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के मेंबर बटालियन नंबर 1 का लीडर मांडवी हिड़मा भी शामिल हैं. माड़वी हिडमा लगभग डेढ़ से दो सौ जवानों का हत्यारा है । 25 लाख का इनामी नक्सली हिड़मा जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. उसे दवाई नहीं मिल रहा है. तेलंगाना राज्य के कोत्तगुडंम एसपी सुनील दत्त ने इसकी पुष्टि की है. इसके अलावा बस्तर आईजी ने भी दर्जनों नक्सलियों के कोरोना महामारी की चपेट में आने की संभावना जताई है. आईजी ने नक्सलियों को सरेंडर करने की अपील की है. नक्सलियों का इलाज भी कराएंगे.

इन बड़ी घटनाओं में शामिल है हिड़मा

25 लाख का इनामी नक्सली हिड़मा बचपन में नक्सल संगठन में शामिल हो गया था. वो लंबे समय से संगठन में काम कर रहा है. कई बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड रहा है. 2007 से 2021 तक कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है. ताड़मेटला की घटना में 76 जवान शहीद हो गए थे. रानीबोदली में 55 जवान, बुर्कापाल में 25 जवान और टेकलगुड़ा में 22 जवान शहीद हुए थे. इन सभी घटनाओं का मास्टरमाइंड मांडवी हिड़मा ही रहा है. अब कई दिनों से हिड़मा कोरोना की चपेट में है. कोरोना की दवाई भी हिड़मा तक नहीं पहुंच पा रही है.

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हिड़मा तक पहुंचने वाला दवाई पुलिस ने किया बरामद
कुछ दिन पहले बीजापुर में 2 सदस्य नक्सली सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसके पास से भारी मात्रा में कोरोना के दवाई के साथ सैनिटाइजर और मास्क बरामद किया गया था. पूछताछ के दौरान बताया कि नक्सलियों को कोरोना की दवाई देने जा रहा था और यह दवाई हिड़मा तक पहुंचाई जानी थी.
सीमाएं सील, नहीं भाग सकते नक्सली
तेलंगाना पुलिस और छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार यह अपील कर रही है कि कोरोना की चपेट में आए नक्सली सरेंडर कर दें. अगर यह सरेंडर कर देते हैं, तो पुलिस इनका इलाज करवाएगी. इधर सभी सीमाओं को भी सील कर दिया गया है. अगर हिड़मा या कोई भी अन्य नक्सली इलाज के दौरान किसी राज्य जाते हैं, तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

मुख्यधारा में लौटे, हम कराएंगे इलाज- आईजी
बस्तर आईजी का कहना है कि दर्जनों नक्सली कोरोना वायरस की चपेट में है. जिसमें हिड़मा के नाम भी सामने आ रहा हैं. उन्होंने अपील की है कि अगर वह नक्सलवाद की विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ता है, तो उसका इलाज बेहतर तरीके से करवाया जाएगा. उनका जीवन सुरक्षित किया जाएगा. साथ ही आसपास के ग्रामीणों से भी आईजी ने अपील की है कि वह किसी भी प्रकार के जुलूस या बैठक में शामिल ना हो. नक्सल संगठन में जिस तरह से कोरोनावायरस का फैलाव हुआ है, कहीं ना कहीं ग्रामीणों को भी अपने चपेट में ले सकती है ।

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