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कानन पेंडारी का महापौर ने किया निरीक्षण बायसन के मौत का कारण जाना

On: August 1, 2021 11:15 AM

बिलासपुर।(वायरलेस न्यूज़) कानन पेंडारी में लगातार हो रही वन्यप्राणियों के मौत के मामले में प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल के निर्देश पर महापौर रामशरण यादव व सभापति श्ोख नजीरूद्दीन, कानन पेंडारी में निरीक्षण करने पहंुचें। जहां डीएफओ कुमार निशांत से मृत बायसन के बारे में जानकारी ली। बायसन तीन दिन से बीमार था। खाना भी नहीं खा रहा था एक दिन पहले उसे इंजेक्शन लगाया गया। पशु विभाग से तीन डॉक्टर की टीम डॉ.आर.एम. त्रिपाठी, डॉ.अनुप चटर्जी और डॉ. राम ओत्तलवार देखने को भी आए थे। खुन जांच के लिए जबलपुर भेजा गया था लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही बायसन की मौत हो गई। महापौर ने बायसन के केज का निरीक्षण करते हुए डीएफओ से जानकारी ली कि इससे पहले कितने और बायसन की मौत हो चुकी है। डीएफओ ने बताया कि तकरीबन दो महीने पहले एक बायसन की और मौत हो चुकी है। दोनो मृत बायसन भाई थ्ो। इन्हें हैदराबाद के जू से लाया गया था। अभी जिस बायसन की मौत हुआ है। उनका जन्म 26 फरवरी 2०18 को हुआ और मृत्यू 3० जुलाई 2०21 को कानन में हो गया इस तरह इस बायसन का उम्र 3 साल 4 माह के आसपास रहा होगा। मेयर ने पूछा कि बायसन की औसतन उम्र कितनी होती है। तो डीएफओ ने बताया कि 25 से 3० वर्ष तक बायसन जिंदा रहते है। यानी जो बायसन की मौत हुई वो उम्र के हिसाब से अभी किशोर अवस्था में था। इससे पहले जो बायसन की मौत हुआ था वो भी तीस साल का ही था। अब मेयर आपनी रिपोर्ट प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल को सौपेंगे। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य राजेश शुक्ला, बजरंग बंजारे, पुष्पेंद्र साहू, पार्षद रामप्रकाश साहू,रशीद बख्स, बाटू सिह, डीएफओ निशांत कुमार, कानन अधीक्षक संजय लूथर सहित अन्य मौजूद रहें।
0 1 साल में 8 वन्यप्राणियों की मौत शेर, अभी 678 जानवर है मौजूद
डीएफओ निशांत कुमार ने बताया कि कानन में करीब 6 करोड़ पर्यटक हर साल आते हैं। 114 हेक्टेयर में फैले हुए इस जू में 6० स्पीशीज के लगभग 679 जानवर मौजूद है। मौजूदा वक्त में 7 शेर यहां पर हैं। इनमें 3 नर शेर है। 3 सफ़ेद बाघ भी है और 4 बंगाल टाइगर हैं। यहां पर एक शुतुरमुर्ग के साथ साथ पहले 6 बायसन यानी जंगली भैंसे भी मौजूद थे। पिछले दिनों दो बायसन की मौत ने इनकी संख्या अब 4 रह गई है। इस वर्ष कुल 7 वन्यप्राणियों की मौत हुर्ह है।
0 दवा और चारे का किया निरीक्षण
बायसन के केज के साथ ही मेयर यादव ने कानन के सभी वन्यप्राणियों के केज का निरीक्षण किया। केजो की हालत जर्जर थी 2० साल से केज के जाली बदले नहीं गए थें। इसको सुधरवाने का निर्देश दिया। साथ ही वन्यप्राणियों को दी जाने वाली दवा के बारे में पूछा डीएफओ निशांत ने बताया कि कैट प्रजाती यानी श्ोर, तेदुंआ, लकड़बघ्घा सहित अन्य मांसाहारी जानवरों को हर तीन माह में इंजेक्शन दी जाती है। वहीं शाकाहारी जानवरो को खाने में मिलकार दवा दी जाती है। ताकि डयजेसन सिस्टम ठीक रहें। वन्य प्राणियों को दी जाने वाले चारे का निरीक्षण किया जहां बताया गया की मांसाहारी वन्यप्राणियों के लिए प्रतिदन 14 से 15 बकरे काटे जाते है। वहीं शाकाहारी जानवरों को हरा खाना के साथ पपीता,नीम के पत्ते, पैरा कटीया, केला और उसका छिलका, नेपियर और बरसींग घास दिया जाता है।
0 बिसरा रिपोर्ट जबलपुर से आने में लग जाता है समय
मेयर ने पूछा कि मृत बायसन का पोस्टमार्टम किया तो क्या पता चला डीएफओ निशांत ने बताया कि हमारे पास कानन में लैब नहीं है। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा जबलपुर के लैब में भ्ोजा जाता है। जहां से रिपोर्ट आने में कभी-कभी दो तो कभी 6 माह तक लग जाता है। वहीं पता चला कि यहां दो डॉक्टर तो है लेकिन उनके पास असिस्टेंट नहीं है। मेयर ने कहा कि प्रदेश के स्थापना के बाद कानन जू और रायपुर में जंगल सफारी बन गया लेकिन अभी तक वन्य प्राणियों के बिसरा के लिए लेब नहीं बन पाया इसको बनाने की मांग वन विभाग ने की है। शासन स्तर पर जो भी बन पाएगा वो हम करेंगे।
0 प्रभारी मंत्री को जल्द सौपी जाएगी रिपोर्ट
कानन पेंडारी का अस्पताल काफी पुराना है। यहां डॉक्टर और अस्टिेंट की कमी है। एक्सरे सहित अन्य उपकरणों की कमी हैं जिसके कारण बीमार जानवरों का तत्काल उपचार नहीं हो पाता है। कानन पेंडारी के कमियों को पूरा करने शासन स्तर पर मांग की जाएगी। कानन पेंडारी से संबंधित रिपोर्ट प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल को जल्द ही सौपा जाएगा। रामशरण यादव महापौर बिलासपुर।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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