रायगढ़। कोरोना काल में महंगाई से परेशान आम जनता पर पहले ही बढ़े हुए दर से बिजली बिल का बोझ है जो अब और बढ़ने वाला है शासन ने बिजली बिल में लगभग 6% की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है रायगढ़ व्यापारी संघ ने इस बढ़ोतरी पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि एक आम नागरिक पहले ही महंगाई से त्रस्त है उसके किचन का बजट भी बिगड़ चुका है दूसरी ओर पेट्रोल डीजल गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं ऐसे में शासन को बिजली बिल बढ़ाने की जगह लाइन लॉस कम करने और विद्युत की चोरी रोकने पर ध्यान देना चाहिए। एक तरफ तो बिजली बिल हाफ का नारा है दूसरी और दरें बढ़ाकर उसे एडजेस्ट करना एक हाथ से देने और दूसरे हाथ से लेने की तरह है। वही लाखों उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिनके मीटर बंद पड़े हुए हैं उन की खपत उनके एवरेज बिल से कई गुना अधिक होती है यदि सभी मीटर चालू हो जाए तो भी विद्युत विभाग के राजस्व में बढ़ोतरी हो जाएगी। लाइन लॉस और विद्युत चोरी का खामियाजा एक आम उपभोक्ता भुगते यह न्याय संगत नहीं है। रायगढ़ व्यापारी संघ के संयोजक राजेंद्र अग्रवाल और हीरा मोटवानी ने कहा कि बड़े बकायादारों से बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही है लाखों करोड़ों के बिल उन पर बकाया है। दूसरी ओर शासकीय एवं अशासकीय संस्थाओं और कार्यालयों में भी बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही है परंतु एक आम नागरिक के बिल में बढ़ोतरी करके उस पर डबल बोझ डालना उचित नहीं है रायगढ़ व्यापारी संघ के बजरंग महमिया, राजेश अग्रवाल, नंदकिशोर अग्रवाल सारंगढ़ मुकेश मित्तल खरसिया ने मांग की है कि शासन तत्काल ही बिजली बिल की यह बढ़ोतरी वापस ले और लाइन लॉस को कम करके तथा विद्युत चोरी को रोककर के इस राजस्व की प्रतिपूर्ति करे।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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