🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

(सफलता की कहानी)
खाद की कमाई से खरीदी स्मार्ट फोन, स्वालंबन की राह पर चल पड़ी माधुरी

On: October 1, 2021 10:41 AM


बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़ 01 अक्टूबर 2021) /श्रीमती माधुरी धुरी के जीवन की धुरी पहले उसके घर एवं परिवार तक सीमित थी। बाहरी दुनिया से उसका नाता नही था लेकिन जब से उसे गौठान में स्वसहायता समूह से जुड़कर कार्य करने का मौका मिला उसकी तो दुनिया ही बदल गई है। गौठान में गोबर से वर्मी खाद बनाकर उसकी बिक्री से जो लाभांश मिला उससे माधुरी ने स्मार्ट फोन खरीदा है। और इसके माध्यम से वह आधुनिक दुनिया से रूबरू हो रही है।
बिलासपुर नगर निगम अन्तर्गत मोपका के शहरी गौठान में वर्मी खाद बनाने सहित अन्य आयवर्द्धक गतिविधियों में रत मां अन्नपूर्णा महिला स्वसहायता समूह की सचिव श्रीमती माधुरी धुरी ने बताया कि वह विगत एक वर्ष से मोपका गौठान में अन्य महिलाओं के साथ गोधन न्याय योजना के तहत् गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाने का कार्य कर रही है। उसके पास पहले की-पेड वाला मोबाईल फोन था जो उसकी जरूरतो के लिए पर्याप्त नही था। वर्मी खाद की बिक्री से उसे पहली बार जब लाभांश की राशि प्राप्त हुई तो इस राशि से उसने पांच माह पहले स्मार्ट फोन खरीदा है। जिसका उपयोग कर वह अपना कार्य सुविधाजनक ढंग से कर पा रही है।
माधुरी के लगन को देखते हुए नगर निगम द्वारा उसे स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा गया है। नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराये गये ट्राईसाईकिल में वह काॅलोनी में जाकर घरों से कचरा संग्रहण का कार्य कर रही है। जिससे उसे हर माह 6 हजार की आय मिलेगी। माधुरी सुबह जल्दी उठकर अपना घरेलु काम निपटाती है और प्रतिदिन प्रातः 7 बजे गौठान पहुंचती है फिर ट्राईसाइकिल लेकर लोगों के घरों से दोपहर तक कचरा संग्रहण करती है फिर गौठान में आकर वर्मी खाद बनाने के कार्य में जुटती है। इस तरह की व्यस्त दिनचर्या में भी वह प्रसन्न है।
माधुरी पहले अपने घर तक सीमित थी। अब बाहर निकलकर सुराजी ग्राम योजना के तहत गौठान कि आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी है जिससे उसमें आत्मविश्वास आ गया है और वह आत्मनिर्भर बनकर स्वावंलबन की राह में आगे बढ़ रही है।
महात्मा गांधी जी के आदर्शाें के अनुसरण में छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना ने स्वावलम्बन के उसके सपने को पूरा करने का हौसला दिया है।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment