किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद

महासमुन्द -छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पारंपरिक लोक कला में सिद्धहस्त लोगों की कोई कमी नहीं है लेकिन ऐसे

कलाकारों को उचित मंच नहीं मिल पाने से इनकी कला गांव के परिवेश में ही सिमट कर रह जाती है, ऐसे ही ग्रामीण प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करने का काम ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किया जा रहा है, जिसमें ग्रामीण प्रतिभाओं में निहित कला को निखारने और अवसर प्रदान करने के उद्देश्य को लेकर छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप बिहान कार्यक्रम में पारंपरिक लोक कलाकारों को मंच प्रदान कर कला प्रदर्शन का अवसर दिया जा रहा है।

महासमुन्द जिले के सरायपाली जनपद पंचायत द्वारा आयोजित बिहान कार्यक्रम में अंचल के अनेक लोक कलाकारों को कला प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान किया गया, सरायपाली जनपद सीईओ डॉ स्निग्धा तिवारी ने एक जानकारी में बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत लोगों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ग्रामीण इलाकों में ऐसे अनेक प्रतिभाएं होती हैं जिन्हें आगे बढ़ने का उचित अवसर नहीं मिल पाता , सरायपाली में आयोजित बिहान कार्यक्रम में लोक कलाकारों को भी उचित मंच देने का प्रयास उनके द्वारा किया गया जिसमें अनेक ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का एक अवसर मिला । गौरतलब है कि सरायपाली के बिहान कार्यक्रम में पारंपरिक सुआ नृत्य, कर्मा नृत्य जैसे छत्तीसगढ़ी लोक कला का प्रदर्शन किया गया जिसकी लोगों ने काफी सराहना की।