बिलासपुर (वायरलेस न्यूज़ 12 जनवरी 22) / दंतेवाडा की डंकनी-संखनी नदी के संगम के कुछ मीटर पहले, डंकनी नदी के साथ खिलवाड़ कर, उस के तट पर आयरन ओर का कचरा डंप करने और नदी तल पर रिटेनिंग दीवाल बनाने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश अरूप कुमार गोस्वामी और न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की युगल पीठ ने दायर की गई जनहित याचिका का निराकरण करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड को आदेशित किया कि वो आर्सल मित्तल का पक्ष जान कर याचिकाकर्ता के रिप्रजेंटेशन पर निर्णय ले.
क्या है मामला
रायपुर के याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि निजी कंपनी, नदी के तटबंध के बिल्कुल बाजू में आयरन ओर का वेस्ट मटेरियल डंप कर रही है. यह सॉलिड वेस्ट के तहत आता है, इसे डंप करना प्रतिबंधित है. आयरन ओर के इन वेस्ट मटेरियल से बरसात के पानी में मिलकर जहरीले पदार्थ निकलकर नदी को प्रदूषित और पानी को लाल करेंगे. मामले ने जब तूल पकड़ा तब प्रशासन आनन-फानन में नदी के रिवर बेड अर्थात नदी तल पर ही रिटेनिंग वॉल बनवा रहा है. रिटेनिंग वाल बनाने से नया तटबंद तैयार हो जायेगा, जिस से नदी की मुख्य धारा बदल जाएगी. कोर्ट को बताया गया कि इस प्रकार नदी के तल से खिलवाड़ करना सर्वोच्च न्यायलय द्वारा स्थापित पब्लिक ट्रस्ट के सिद्धांतों के विरुद्ध है. रिटेनिंग वॉल बनने के बाद आयरन ओर के वेस्ट को फिर से डंप करना चालू किया जायेगा.
कोर्ट को बताया गया कि नदी तट पर सॉलिड वेस्ट डंप करना भारत सरकार हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालय द्वारा नदियों की रक्षा के लिए जारी की गई गाइडलाइंस के विरुद्ध है. गाइडलाइंस जिसका नाम है ‘’रिवर सेंट्रिक अर्बन प्लैनिंग गाइडलाइन’’ है के अनुसार नदी के तट को तीन प्रकार की गतिविधियों में बांटा गया है जिसमे प्रतिबंधित जोन में नदी के तट पर वेस्ट डंप नहीं किया जा सकता.
क्या है प्रतिबंधित जोन
पिछले 50 वर्षों में आई बाढ़ में, नदी के सबसे ज्यादा ऊंचे बाढ़ के स्तर (हाईएस्ट फ्लड लेवल) से 500 मीटर का इलाका प्रतिबंधित क्षेत्र में रहेगा. अगर इस इलाके में तटबंध (एम्बार्कमेंट) बना हुआ है तो नदी के तटबंध से 100 मीटर का इलाका प्रतिबंधित क्षेत्र में आएगा. दंतेवाडा में जो सॉलि़ड वेस्ट का डंप किया जा रहा है वह नदी के तटबंध से 100 मीटर से काफी अन्दर किया जा रहा है अर्थात प्रतिबन्धि जोन में कचरा डंप किया जा रहा है. नदी के तल पर रिटेनिंग वॉल के नाम से नए तटबंध (एम्बार्कमेंट) का निर्माण किया जा रहा है.
तटबंध पर किन गतिविधियों पर है प्रतिबंध है
गाइडलाइंस के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में सॉलि़ड वेस्ट का डंप किया जाना, नए तटबंध (एम्बार्कमेंट) बनाना, नदी की भूमि में सुधार करना, ज्वलनशील पदार्थ डालना, जहरीले पदार्थ डालना, वाणिज्यिक उपयोग से पानी निकालना, नई मेढ़ बनाना प्रतिबंधित किया गया है.
याचिकाकर्ता ने चर्चा में बताया कि कि वेस्ट डंप करने उपरांत, जमीन समतल कर वहा गार्डन और चोपाटी बनाये जाने के समाचार है. गाइडलाइंस में जिन गतिविधियों को अनुमति दी गई है उनमे गार्डन और चौपाटी नहीं आते है.
याचिकाकर्ता नितिन सिंघवी ने जनहित याचिका दायर करने के पूर्व 6 दिसम्बर 2021 को मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव आवास एव पर्यावरण, सचिव नगरीय निकाय, सदस्य सचिव पर्यावरण संरक्षण मंडल, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक और रीजनल ऑफिसर पर्यावरण संरक्षण मंडल दंतेवाडा को पत्र लिख कर रिवर बेड पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण कार्य रोकने और वेस्ट डंप को हटाने के मांग की थी. जिस पर कोई कार्यवाही न होने पर जनहित याचिका दायर की गई. कोर्ट ने आदेशित किया है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड याचिकाकर्ता के रिप्रजेंटेशन का निराकरण करे.
याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि रिटेनिंग वॉल का निर्माण तत्काल रुकवाया जाये और उसे हटा कर पुरानी स्थिति में लाया जाये, आयरन ओर का किया गया वेस्ट डंप हटवाया याये और दोषियों से पर्यावरण नुकसान की भरपाई कराइ जाये.
नितिन सिंघवी
9826126200
Author Profile

- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries
राष्ट्रीयSeptember 26, 2026फार्मासिस्ट दिवस पर स्वास्थ्य का संकल्प और दवा से आगे मरीज की सुरक्षा तक फार्मासिस्ट का दायित्व डॉ हृदयेश कुमार
बिलासपुरSeptember 26, 2026पोषण माह के तहत आंगन मिलन सेवा एवं मुख्यमंत्री बाल संदर्भ कार्यक्रम आयोजित
छत्तीसगढ़September 26, 2026इंग्लैंड में चमके छत्तीसगढ़ के 22 वर्षीय ऑलराउंडर परमात्मा पांडेय: लगातार तीन शतक जड़कर और 16 विकेट लेकर रचा कीर्तिमान
बिलासपुरSeptember 26, 2026336 लोगों ने एक साथ गाया वंदे मातरम, राष्ट्रभक्ति से गूंजा सरस्वती शिशु मंदिर

