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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 25 मार्च, 2022 (शुक्रवार) को निःशुल्क पेसमेकर जांच शिविर का आयोजन

On: March 22, 2022 6:28 PM

यह शिविर सम्पुर्ण निःशुल्क रहेगा ।

बिलासपुर – (वायरलेस न्यूज़ 22 मार्च, 2022)
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के केन्द्रीय चिकित्सालय, बिलासपुर के द्वारा विगत 8 वर्षों से ह्रदय रोगियों के लिए निःशुल्क पेस मेकर जाँच शिविर का आयोजन किया जा रहा है, यह शिविर दिनांक 25 मार्च, 2022 को सुबह 09 बजे से दोपहर 02 बजे तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के केन्द्रीय चिकित्सालय, बिलासपुर में लगेगा ।
यह शिविर 6-6 माह के अंतराल में लगाया जाता है । प्रति इस जाँच शिविर में रेलवे एवं गैर-रेलवे के हृदयरोग के मरीजों के द्वारा लगाये गए पेसमेकर का निःशुल्क जाँच किया जाता है एवं जरूरत पड़ने पर उसमें बैटरी लगाया जाता है तथा नये पेस मेकर भी लगाये जाते है । ह्रुदय संबन्धित रोग का विश्लेषण तथा इसकी आवश्यक अनुसार पेस मेकर को रि-प्रोग्रामिंग करना एवं पेसमेकर की बैट्री लाइफ की जांच करना इस शिविर का उद्देश्य है ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, केन्द्रीय चिकित्सालय, बिलासपुर का यह निःशुल्क पेस मेकर जाँच शिविर हदय रोगियों के लिए हमेशा से ही शिविर एक वरदान रही है । डॉ. चंदन कुमार दास, हृदय रोग विशेषज्ञ, केन्द्रीय चिकित्सालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के अनुसार इस प्रकार के निःशुल्क पेस मेकर जाँच शिविर बिलासपुर रेल्वे अस्पताल के कार्डीयोलोजी विभाग के द्वारा पिछले बारह साल से आयोजित किया जा रहा है । रेलवे तथा गैर रेलवे पेसमेकर के मरीजों ने इस शिविर का लाभ लेते आ रहे हैं। बिलासपुर तथा देश के किसी भी प्रांत से सभी पेसमेकर के मरीजोंसे इस शिविर का लाभ लेने का निवेदन है । इस प्रकार के पेस मेकर जाँच शिविर का भारत में पहली बार हो रहा है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल, बिलासपुर का संचालन (21वीं बार) नि:शुल्क पेसमेकर चेकिंग कैंप दिनांक 22 मार्च, 2022 को आयोजन किया जाएगा
• पेसमेकर के साथ नए रोगी मोबाइल नंबर 9752475060 पर पंजीकरण कर सकते हैं ।
• जिन मरीजों को पेसमेकर लगाया जाता है, वे अपने संबंधित उपचार के साथ इसमें शामिल हो सकते हैं, साथ सभी कागजात अवश्य लायें । पेसमेकर को हृदय रोगी के रोगियों में प्रत्यारोपित किया जाता है जहां हृदय गति होती है, विभिन्न कारणों से असामान्य रूप से धीमा हो जाती है । पेस मेकर एक बार प्रत्यारोपित करने के बाद इन पेसमेकरों की निगरानी की आवश्यकता होती है-इनमें बैटरी जीवन के लिए हर छह महीने या एक वर्ष का मूल्यांकन किया जाना जाता है । मुफ्त पेसमेकर पिछले आठ वर्षों से रेलवे के साथ-साथ गैर-रेलवे रोगियों के लिए शिविरों की जाँच कर रहा है । पेसमेकर वाले सभी रोगियों से अनुरोध है कि वे इस तरह के शिविरों का लाभ आशय उठाएं ।

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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