🇮🇳Odia
अन्तर्राष्ट्रीय अपराध खेल जगत छत्तीसगढ़ धर्म-कला-संस्कृति बिलासपुर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र राष्ट्रीय रेलवे साक्षात्कार हाईकोर्ट अन्य

आजाद मंच ने सभी छत्तीसगढ़ वासियों से हसदेव क्रांति का हिस्सा बनने का आव्हान किया, क्रांति को छत्तीसगढ़ के हर कोने तक ले जाने हेतु सभी छत्तीसगढ़ वासियों से समर्थन की अपील की

On: May 19, 2022 6:49 PM

हसदेव ब्रेकिंग:विक्रांत का सरकार और राहुल गांधी पे सीधा आरोप, कहा राहुल गांधी ने दिया आदिवासियों को धोखा, वादा आदिवासियों से किया साथ अडानी का दिया

■ आज़ाद मंच ने परसा कोल ब्लॉक से फूंका ‘हसदेव क्रांति’ का बिगुल, जल्द आदिवासियों के साथ योजनाबद्ध तरीके से होंगे आंदोलन,सभी से साथ आने आव्हान।

■ यह धन की वन और जनजीवन से लड़ाई है,राजनीतिक दल धन के और छत्तीसगढ़ वासी वन के साथ, अब ये आंदोलन नहीं “हसदेव क्रांति” है: विक्रांत तिवारी

■ राजनीति का शिकार हुए आदिवासी, 17 कोल ब्लॉक, लगभग 280000 पेड़ों की कटाई, कैचमेंट एरिया में खदान भविष्य के लिए खतरे की घंटी: आज़ाद मंच

बिलासपुर/सरगुजा (वायरलेस न्यूज़) छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की भूमि, छत्तीसगढ़ की मूल विरासत, मिलों तक फैले हसदेव अरण्य को बचाने हरिहरपुर, फतेहपुर, परसा, तारा जैसे लगभग 70 गांवों द्वारा जारी आंदोलन को देश के कोने कोने से समर्थन प्राप्त हो रहा है। इसी कड़ी में आंदोलनरत आदिवासियों के समर्थन में आज़ाद मंच ने भी सरगुजा के घने जंगलों में अंबिकापुर से 60 किलोमीटर दूर हरिहरपुर पहुंच कर हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन को अपना समर्थन दिया साथ ही आंदोलनरत आदिवासियों को क्रांतिकारी बताया और आजाद मंच प्रमुख ने धरनास्थल से इसे हसदेव क्रांति का नाम देते हुए सभी छत्तीसगढ़ वासियों से इस क्रांति का हिस्सा बनने आव्हान किया। गत सोमवार आज़ाद मंच प्रमुख विक्रांत आज़ाद तिवारी मंच के साथियों के साथ सरगुजा के जंगल पहुंचे। मुख्य मार्ग से 5 किलोमीटर अंदर परसा गांव से अंदर जंगल की तरफ हरिहरपुर के आंदोलन स्थाल पहुंच वहाँ के लोगों से वस्तुस्थिति पे चर्चा की जिसके उपरांत कई विषयों पे गंभीर जानकारियां सामने आई। वहाँ आंदोलन कर रहे रामलाल करीआम ने बताया कि वो सभी आसपास के गाँववासी पिछले 10 सालों से जल जंगल ज़मीन और जनजाति को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। 2015 में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय यहां 17 कोल ब्लॉक के लिए पूरे जंगल को काट देने की जब जानकारी प्राप्त हुई तब कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राहुल गांधी भी वहाँ आंदोलन स्थाल पहुंच के आदिवासियों की लड़ाई में शामिल होने का वादा कर ये भरोसा दिला कर गए की आदिवासियों की संस्कृति के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे ये जंगल नहीं काटने देंगे। पर उनकी सरकार आते ही उस सरकार ने अडानी के समर्थन में आदिवासियों को उजाड़ने आदेश दे दिए ये धोका है।

आज़ाद मंच प्रमुख विक्रांत आज़ाद ने आंदोलनरत आदिवासियों को क्रांतिकारी संबोधित करते हुए कहा कि अब ये हसदेव अरण्य बचाओ आंदोलन मात्र नहीं अपितु “हसदेव क्रांति” बन चुकी है । हसदेव के जंगलों को उजाड़ने यहां कोयले की जिद्द में लाखो हेक्टर जमीन बर्बाद करना ये सिर्फ आदिवासियों को प्रभावित नहीं करेगा ये सरगुजा से बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर तक लोगों को प्रभावित करने वाला निर्णय है।विक्रांत आज़ाद ने कहा इस विध्वंस से जल स्तर में भारी कमी आएगी, पर्यावरण में बदलाव आने से वायु अत्यंत प्रदुषित हो जाएगी, और बिजली बनाने वाले डैम के कैचमेंट एरिया तक खुदाई होने से बिजली उत्पादन में भी कमी आएगी। साथ ही साथ जंगल काटने से हजारों आदिवासियों को बेघर और सेंकड़ों जीवों की हत्या भी हो जाएगी। ये हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक अभिशाप साबित होगा ।

विक्रांत आज़ाद ने राजनितिक दलों को खासकर सरकार और राहुल गांधी पे सीधा हमला करते हुए कहा की सरगुजा के आदिवासी राजनीति का शिकार हो गए, सभी राजनीतिक दल अडानी के हांथों आदिवासियों का सौदा कर चुके हैं ऐसा लगता है। ये धन की वन और जनजीवन से लड़ाई है। इस लड़ाई में जिसमें सभी सत्तासीन और विपक्षी अडानी के तरफ दिखाई दे रहे हैं , उनकी खामोशी आदिवासियों को विस्थापन की तरफ ले जा चुकी है। आदिवासियों को सबसे बड़ा धोका कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिया, 2015 में वोट की राजनीति करने आदिवासियों को झूठा वादा करके उम्मीद देना और चुनाव जीतने के बाद उनके खिलाफ अडानी के साथ खड़े होना छत्तीसगढ़ वासियों के साथ धोका है।
धरना स्थल पर आंदोलनरत आदिवासियों और आजाद मंच के क्रांतिकारियों ने साथ बैठकर आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जिसमें हसदेव क्रांति को अंबिकापुर से लेकर रायपुर तक विस्तार देने पर योजना बनाई गई इसके उपरांत आंदोलनकारियों ने विक्रांत तिवारी और आजाद मंच के लोगों को जंगल के अंदर उस स्थान का निरीक्षण करवाया जहां रात के अंधेरे में 300 पेड़ों को काट के गिरा दिया गया था जहां गांव वाले तीन तीन पारियों में उन पेड़ों की रक्षा करने लगातार जंगलों में पहरा दे रहे थे । मौके पे
आजाद मंच प्रमुख विक्रांत आजाद के साथ मीडिया प्रभारी सुब्रत जाना, बिलासपुर कार्यकारी अध्यक्ष रामचंद्र यादव, बिलासपुर शहर अध्यक्ष सुनील वर्मा, बिल्हा विधानसभा अध्यक्ष देवेंद्र द्विवेदी, अजय दुबे, संतोष रजक, अभिषेक दिवाकर सोनू ने हसदेव अरण्य का दौरा किया आजाद मंच ने सभी छत्तीसगढ़ वासियों से इस हसदेव क्रांति का हिस्सा बनने का आव्हान किया, साथ ही आने वाले दिनों में इस क्रांति को छत्तीसगढ़ के हर कोने तक ले जाने हेतु सभी छत्तीसगढ़ वासियों से समर्थन की अपील की।

Author Profile

Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Latest entries

Join WhatsApp

Join Now

Join Facebook

Join Now

Leave a Comment