रायगढ़(अनिल आहूजा वायरलेस न्यूज़ )
वर्तमान सरपंच द्वारा पूर्व सरपंच के कराये गए काम के बकाया राशि भुगतान के लिए रिश्वत मांगे जाने की लिखित शिकायत सही पाए जाने का मामला प्रकाश में आया है और इस विषय पर बरमकेला जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पंचायत राज अधिनियम के धारा 39 एवं 40 के तहत कार्यवाही करने की अनुशंसा के साथ सारंगढ़ के अनिविभागीय अधिकारी को जांच प्रतिवेदन भी प्रेषित किया जा चुका है परंतु कार्यवाही अपेक्षित है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बरमकेला जनपद पंचायत के पूर्व सरपंच श्रीमती मनोरमा नायक द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान 2018-19 में लोक शिक्षण मद से स्कूल प्रांगण में रंगमंच निर्माण मनोरंजन भवन के जीर्णोद्धार शनि मंदिर के पास बर पेड़ पर चबूतरा निर्माण तथा सार्वजनिक शौचालय के कराये गए निर्माण कार्य के सत्यापन हेतु कहा गया तो वर्तमान सरपंच धोबराम सिदार द्वारा पूर्व सरपंच के पति से रिश्वत की मांग किया गया और पैसा नहीं देने पर सत्यापन में हस्ताक्षर नहीं करने की बात कही गई। इस वार्तालाप को पूर्व सरपंच पति मंनोज नायक ने मोबाइल से रिकार्ड कर लिया गया एवं रिकार्डिंग आडियो क्लिप के साथ उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत की गई। शिकायत पर कार्यवाही करते हुए प्रभारी वरिष्ठ आंतरिक लेख करारोपण अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के माध्यम से जाँच कराया गया । जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में शिकायत को सही ठहराते हुए रिश्वत मांगे जाने एवं कार्य बाधित किये जाने की पुष्टि करते हुए ग्राम पंचायत झनकपुर के वर्तमान सरपंच धोबाराम सिदार के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39 एवं 40 के तहत कार्यवाही हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सारंगढ़ जिला रायगढ़ को साक्ष्य सहित जांच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। जांच प्रतिवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर रायगढ़ को भी प्रेषित की गई है। परंतु जांच प्रतिवेदन 24 दिसम्बर 2020 को भेजे जाने के लगभग एक माह पूरे होने को है और अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही होना संदेह को जन्म दे रहा है। अब देखना है कि खुले आम रिश्वत मांगने वाले सरपंच पर क्या कार्यवाही की जाती है ? विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि वर्तमान सरपंच को कारण बताओ सूचना जारी करने के बाद आगे की कार्यवाही की जा सकती है। शिकायत कर्ता द्वारा रिश्वत की पुष्टि हो जाने के कारण शीघ्र कार्यवाही की मांग की गई है जिससे इस प्रकार मनमानी और खुलेआम भ्रष्ट्राचार करने वालों पर नकेल कसी जा सके।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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