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बिलासपुर सिंधी समाज अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए जो प्रयास कर रहा है वह सराहनीय :लालू खान

On: June 26, 2022 11:45 AM

द्वापर में जन्म लिया श्री कृष्णा ने कलयुग में जन्म लिया भक्त कवर राम ने ,,, लालू खान

बिलासपुर / (विजय दुसेजा वायरलेस न्यूज़) विश्व सारंगी दिवस के पूर्व संध्या पर भारतीय सिंधु सभा पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में बिलासपुर में एक शाम संगीत के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रामगढ़ जिला जैसलमेर राजस्थान से उस्ताद लालू खान
फकीर खान कन्नौज से रसूल खान भूटा खान बिलासपुर से राजेश परसरामानी

पारंपरिक लोक नृत्य क्षेत्र की प्रस्तुति के लिए तिल्दा छत्तीसगढ़ से श्री धनराज खत्री जी एवं उनकी प्रस्तुति देंगे वह चकरभाटा से रांची सजनानी एवं टीम आंखों में पट्टी बांधकर नृत्य प्रस्तुति देंगे वह सभी आज के इस

कार्यक्रम के मेहमान कलाकार है
पत्रकारों से चर्चा करते हुए उस्ताद लालू ने बताया संगीत किसी एक भाषा क्षेत्र का नहीं है संगीत सभी का है और जो लोक संगीत है और जो आज का संगीत है उस में बहुत अंतर है लोक संगीत में कई राग होते हैं लोक संगीत दिलों को छूता है वह जीवन से लेकर मरण तक कई इसके राग हैं और एक होता है सत्यसंगीत वह भक्ति का संगीत जिसमें लोग प्रभु के भजन गीत गाते हैं यह लोक संगीत पुश्तैनी हैं जिसे हम आठवी पीढ़ी से निरंतर गाते आ रहे हैं और आज सिंधी राजस्थानी उर्दू व कई भाषाओं में मैं गीत गाता हूं लेकिन लोक संगीत के दीवाने अब बहुत कम है इसको समझ रखने वाले ही बहुत कम है इसको गाने वाले भी बहुत कम है क्योंकि बंटवारे के बाद आधे लोग यहां रह गए आधे लोग ऊधर रह गए और जैसे-जैसे समय बीतता गया नई पीढ़ी आई है उनको लोक संगीत का इतना ज्ञान नहीं है फिर भी वह जानना चाहते हैं पर आज सिंधी समाज में लोक संगीत गायन करने वाले या पढ़ने वाले ना के बराबर है लोक संगीत हमारी संस्कृति की जान हैं मैं बिलासपुर में प्रथम बार आया हूं प्रोग्राम देने मुझे यहां कर अच्छा लगा यहां के लोगों से जो प्यार स्नेह मिला है उससे मैं बहुत अभिभूत हूं यहां भी कला और और संगीत के प्रेमी हैं यह देख कर मुझे बहुत खुशी हुई और बिलासपुर सिंधी समाज भी अपनी संस्कृति को सहेजने के लिए जो प्रयास कर रहा है वह बहुत ही सराहनीय हैं हम अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या देके जाएंगे रुपया पैसा तो हर कोई देके जाता है लेकिन जो जरूरी चीजें हैं वह है हमारी संस्कृति हमारी मीठी बोली हमारी भाषा हमारा संगीत हमारा खान-पान हमारा रहन-सहन यह वह चीजें हैं जिसे आप पैसों से खरीद नहीं सकते हैं और यही वह चीजें आपके बच्चों के लिए काम आएंगे छोटे-छोटे बच्चों को बाल समय में ही ज्ञान के रूप में उन्हें देना बहुत आवश्यक है इस अवसर पर उन्होंने चंद पंक्तियां कुछ लोकगीत के गाकर सुनाइए बिलासपुर आगमन पर उनका भारतीय सिंधु सभा महिला विंग की राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती विनीता भावनानी प्रदेश महामंत्री श्रीमती गरिमा साहनी पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत के संरक्षक डी डी अहूजा मोहन जैसवानी ने आए हुए अतिथियों का मोतियों की माला पहनाकर फूलों का गुलदस्ता देकर स्वागत व सम्मान किया

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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