बिलासपुर (वायरलेस न्यूज) करगी रोड निवासी गीतकार श्रीमती सोमप्रभा तिवारी "नूर" के प्रथम गीत संग्रह " प्रीत की पाती " का विमोचन छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव अनिल भतपहरी जी, संपादक एवं साहित्यकार डॉ.दीनदयाल साहू जी एवं कला परम्परा कला बिरादरी के अध्यक्ष डी. पी.देशमुख जी के कर कमलों से कबीरधाम भिलाई में संपन्न हुआ

इस अवसर पर अनेक प्रबुद्ध साहित्यकार ,विद्वजन एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। "प्रीत की पाती" गीत संग्रह में सोम जी की 86 गीत हैं जिनमें से अधिकांश को स्वर-संगीतबध्द किया जा सकता है।

समसामयिक दौर में भी राधा और मीरा के प्रेम के सदृश ही इनकी रचनाओं में प्रेम के मानवीय और अलौकिक रूप का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। गीतकार सोम ने बहुत कम समय में ही साहित्य जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल हुई हैं।वे समय-समय पर रेलवे और रेल से बाहर के भी अनेक प्रतिष्ठित मंचों से सम्मानित होती रहीं है।

उल्लेखनीय है कि वे रेलकर्मी हैं।उनकी अनेक रचनाएं आकाशवाणी से प्रसारित भी हुई हैं । विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं तथा अनेक साझा संग्रह में उनकी सहभागिता निरंतर बनी हुई है। उनके इस गीत संग्रह के प्रकाशन एवं विमोचन पर नगर के अनेक रचनाकारों ने बधाई दी है। इनमें डॉ.सुनीता मिश्र,कामना पांडेय,विजय तिवारी, रेणु बाजपेयी नलिन,अमृतलाल पाठक,अशरफी सोनी,मयंक मणि दुबे,अंजनी कुमार तिवारी,वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार केशव शुक्ला,विनय पाठक आदि प्रबुधजन शामिल हैं