सोशलमीडिया मे वायरल हुए व्यापारी महासंघ के कथित मांग पत्र का विरोध
किशोर कर ब्यूरोचीफ महासमुंद
महासमुंद- महासमुंद जिले के प्रमुख व्यवसायिक नगर सरायपाली मे फिर से एक बार लाकडाउन कराने की फिराक में कतिपय लोगों के द्वारा सक्रियता दिखाने और एसडीएम के नाम एक पत्र के सोशलमीडिया मे वायरल होने के बाद व्यापार व्यवसाय को पटरी पर लाने की कवायद में जुटे लघु और कुटीर उद्योग से जुड़े व्यवसायी के साथ साथ रोजीरोटी के लिए छोटे छोटे कारोबार करनेवाले लोंगो को चिंता में डाल दिया है । लगातार लाकडाउन के बाद लघु और मध्यमवर्गीय उद्यमी का कारोबार चौपट होने के कगार पर पंहुच चुका है इस बीच कोरोना की आड मे कतिपय बडे कारोबारियों की ओर से लाकडाउन करने की मांग पर आधारित एसडीएम के नाम का कथित ज्ञापन पत्र सोशलमीडिया मे वायरल होने के बाद लोगों मे जहां आक्रोश फैल रहा है वहीं दूसरी ओर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है। कतिपय लोगों द्वारा लाकडाउन की मांग के सुगबुगाहट के बीच नगरपालिका सरायपाली के सभापति हरदीपसिंह रैना ने कहा है कि “लॉकडाउन किसी भी समस्या का हल नहीं है वर्तमान समय में सिर्फ बचाव के द्वारा ही हम कोरोनावायरस से लड़ सकते हैं क्योंकि लॉक डाउन करने से कोरोनावायरस खत्म होता तो 6 महीने से लॉक डाउन में करोना वायरस भारत से गायब हो चुका होता है यह बात देर से ही सही लेकिन राज्य एवं केंद्र सरकार दोनों को समझ में आ चुकी है
इसी कारण सरकारों ने बाजार को खोलने का निर्णय दिया है 6 महीने से ठप पड़े व्यापार को जिंदा करने में लगे व्यापारियों पर अपनी सुविधा अनुसार लॉकडाउन थोपा जाना ना सिर्फ उन व्यापारियों के साथ बल्कि उनके यहां काम करने वाले उन कर्मचारियों के साथ भी अन्याय होगा । मैं व्यक्तिगत तौर पर लॉक डाउन का विरोध करता हूं।”
नगर के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ व्यवसायी मदनलाल अग्रवाल ने बताया कि शासन की ओर से यदि महामारी रोकथाम के लिए सम्पूर्ण लाकडाउन जिसमें बैंक, शराब दुकान, सरकारी स्कूल दफ्तर आदि बंद होता है तो लाकडाउन का पालन करना चाहिए नहीं तो कुछ ब्यवसाइयों के लाकडाउन करने से कोई फायदा नहीं हो सकता, उन्होंने कहा कि वर्तमान में लाकडाउन कोई समाधान नहीं है बल्कि सोशलडिस्टेंस और सावधानी बरतना ज्यादा जरूरी है।,
नागरिक एकता समिति के अध्यक्ष अमित आहूजा का कहना है कि वर्तमान समय में लोगों की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है ऐसे हालात में फिर से लाकडाउन होने पर कई तरह की समस्याएं लोगों के सामने आ सकती है। अच्छा होगा कि लाकडाउन की बजाय सरकारी गाईड लाईन का पालन करते हुए सोशलडिस्टेंस और मास्क का उपयोग कर अपना बचाव करें । उनका मानना था कि जबतक शासन महसूस न करे तब तक लाकडाउन न किया जावे इससे लोगों मिल रही थोडी बहुत राहत भी समाप्त हो जाऐगी।
कम्प्यूटर और फोटो स्टूडियो युनियन के अध्यक्ष कैलाश अग्रवाल ने बताया कि लाकडाउन समस्या का समाधान नहीं है। लोग क्यों लाकडाउन के पीछे पडे है यह समझ से परे है । शासन के निर्देश पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी निर्देश को अमल मे लाने की बजाय अपनी मांग को सभी पर थोपा जाना कदापि उचित नहीं है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता रूबी ठाकुर ने कहा कि फिर से लाकडाउन किऐ जाने से एक बार फिर से कालाबाजारी बढेगी . लोग रोजमर्रा की जरुरतों के लिए भटकने को मजबूर होंगें . कोरोना की रोकथाम के लिए सरकारी गाईड लाईन जारी की गई है यदि लोग उसका पालन करें तो किसी लाकडाउन की जरूरत नहीं होगी.बडे लोग लाकडाउन की मांग करते हैं लेकिन छोटे लोग इससे प्रभावित होते हैं . कारोबार ब्यवस्था पहले से चौपट है ऐसे में फिर से लाकडाउन होने पर छोटे कारोबारियों की गृहस्थी ही ध्वस्त हो जाऐगी । उन्होंने लाकडाउन की मांग का कडा विरोध जताया है।
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- अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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