बिलासपुर (वायरलेस न्यूज)। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के पुत्र पलाश चंदेल को बिलासपुर हाईकोर्ट से दुष्कर्म मामले में दोष मुक्त कर दिया है। मामले में पलाश को हाइकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दुष्कर्म एससी-एसटी एक्ट समेत कई आरोपों को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद कोर्ट ने पाया कि मामले में कोई अपराध नहीं बनता है। हाइकोर्ट में जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने यह फ़ैसला सुनाया है। पुरा मामला मामला आदिवासी महिला से दुष्कर्म की शिकायत के आधार पर 19 जनवरी को जांजगीर में कार्यरत एक आदिवासी महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। रायपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।इस पुरे मामले में 23 अगस्त को सुनवाई पूरी हुई थी जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। जहा आज हाईकोर्ट ने इस मामले में फ़ैसला सुनाया है और एफआईआर एवं जांच निरस्त करने का आदेश जारी किया है।
क्या था मामला-
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के बेटे पलाश चंदेल पर जांजगीर की आदिवासी महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर रायपुर के महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता जांजगीर चांपा जिले की रहने वाली है। पलाश चंदेल पर आरोप था कि पीड़िता की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। 2018 के बाद दोनों के बीच दोस्ती और गहरी हुई,इसके बाद पलाश ने शादी का झांसा देकर पीड़िता से लगातार संबंध बनाए। वर्ष 2021 में जब पीड़िता गर्भवती हो गई तो गर्भपात की दवा देकर उसके बच्चे का गर्भपात करा दिया। इसके बाद दोनों के बीच में विवाद और पीड़िता ने पलाश के खिलाफ शिकायत की। मामला जांजगीर चांपा का होने के कारण पलाश चंदेल के खिलाफ रायपुर में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी और रायपुर पुलिस ने जांजगीर चांपा पुलिस को केस भेज दिया था।

न्याय की हुई जीत –
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि इस मामले में न्याय की जीत हुई है ।हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा था कानूनी लड़ाई के बाद हमें जीत मिली है यह न्याय की जीत है।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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