शिक्षकों के शिक्षण एवं प्रशिक्षण के लिए बना जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा नफरत फैलाने का अड्डा

भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं डाइट प्राचार्य जे पी पुष्प

रायपुर (वायरलेस न्यूज) अविभाजित मध्य प्रदेश के जमाने से ही शिक्षा का केंद्र एवं गौरव रहा छत्तीसगढ़ का जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा( डाइट )इन दिनों जातिवाद की राजनीति एवं नफरत फैलाने का अड्डा बना हुआ है। यहां के प्राचार्य जे पी पुष्प आए दिन डाइट पेंड्रा के संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए खास जाति एवं वर्ग की बैठकर बुलाते हैं,भोज करते हैं तथा उन्हें वर्गवाद एवं जाति वाद की राजनीति सिखाते हैं ऐसे में समझा जा सकता है कि शिक्षकों के शिक्षक एवं प्रशिक्षण के लिए बनाया गया जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान किस तरह गर्त में जा रहा है। अब जरूरी है कि छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए अन्यथा सामाजिक सौहार्द एवं सामाजिक समानता के लिए भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा पर पानी फिरना स्वाभाविक है।

माना जाता है कि शिक्षा विभाग का दायित्व है कि वह वर्गवाद एवं जातिवाद की राजनीति से ऊपर उठकर समान रूप से शिक्षा को बढ़ावा दे, सभी वर्गों को उन्नति के अवसर दे तथा समाज में सामाजिक समरसता एवं भाईचारे की भावना को बढ़ावा दे एवं समाज में ऐसा वातावरण तैयार करें जिससे भारत की सांस्कृतिक परंपरा समृद्ध होने के साथ भारत की एकता और अखंडता की भावना मजबूत हो। भारत की अखंडता को कोई खतरा न हो परंतु गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काफी वर्षों से सब कुछ उल्टा पुल्टा चल रहा है। दरअसल यहां के प्राचार्य जे पी पुष्प जातिवाद की राजनीति तथा नफरत फैलाने की राजनीति पर भरोसा करते हैं यही कारण है कि उनके द्वारा आए दिन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा के प्राचार्य होने का फायदा उठाते हुए यहां का संसाधनों के दुरुपयोग करते हुए यहां पर जातिवाद एवं नफरत की राजनीति फैला रहे हैं। माना जाता है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा डाइट का दायित्व है कि वह भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार की योजना अनुसार राज्य की शैक्षिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए शिक्षकों का शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें परंतु इसके जिसके लिए इस एकेडमिक संस्था को प्रतिवर्ष लाखों रुपए का बजट भी आवंटित होता है, परंतु इसके विपरीत डाइट प्राचार्य जे पी पुष्प तुष्टीकरण एवं जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा देते हुए आए दिन यहां एक जाति एवं वर्ग विशेष के संगठन की बैठक बुलाते रहते हैं। उनके लिए भोज आयोजित करते हैं जिसमें वह शिक्षा विभाग के सरकारी संसाधनों का भरपूर उपयोग करते हैं जिले के कर्मचारी एवं अधिकारियों में वर्ग वाद एवं जातिवाद की भावना तेजी से पनप रही है। बताया जाता है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा डाइट में योग्य एवं कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों की कमी नहीं है उसके बावजूद डाइट प्राचार्य जे पी पुष्प भेदभाव की राजनीति करते हुए योग्यता को दरकिनार करते हुए ऐसे लोगों को बढ़ावा देते हैं जो उनके वर्ग एवं जाति की की राजनीति में रुचि रखते हैं। यहां पर उल्लेखनीय है कि गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में जिला शिक्षा अधिकारी गौरेला पेंड्रा मरवाही सहित जिले के सभी विभाग में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कर्मचारी बड़ी संख्या में कार्यरत हैं इन सब अधिकारी कर्मचारियों को डाइट पेंड्रा के प्राचार्य जेपी पुष्प वर्ग विशेष की बैठक के नाम पर डाइट पेंड्रा में बुलाते हैं तथा उन्हें वर्गवाद जातिवाद की राजनीति समझते हुए नफरत का बीज बो रहे हैं ऐसे में स्वाभाविक रूप से जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पेंड्रा की मंसा पर सवालिया निशान उठ रहा है तथा जिले के शेष वर्ग के भी कर्मचारी अब इस नफरत की राजनीति का जवाब नफरत से ही देने का योजना बना रहे हैं जिससे गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की सामाजिक समरसता में विष घोलने जैसा वातावरण निर्मित हो रहा है। शासन का नियम यह है कि किसी भी एकेडमिक या सरकारी संस्था का उपयोग इस तरह जातिवाद एवं वर्गवाद के नाम पर बने संगठन की बैठक नहीं बुलाई जा सकती तथा अत्यंत जरूरी होने पर जिला कलेक्टर तथा एसडीएम से इसकी अनुमति लेना आवश्यक है परंतु इसके उलट डाईट प्राचार्य जेपी पुष्प प्राचार्य होने का फायदा उठाकर अपने पद का बेजा दुरुपयोग कर रहे हैं। इसका असर जिले के शिक्षा विभाग पर बहुत बुरी तरीके से पड़ रहा है तथा स्वाभाविक रूप से शिक्षा विभाग मैं जातिवाद एवं भेदभाव की राजनीति शुरू हो गई है तथा जिले एवं संभाग के शैक्षिक वातावरण में गतिरोध उत्पन्न हो रहा है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के शिक्षा विभाग की गतिविधियों में इसका भरपूर असर देखा जा रहा है ऐसे में अब जरूरी है कि छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग इस मामले का संज्ञान ले तथा नफरत की राजनीति फैलाने वाले डाइट प्राचार्य जे पी पुष्प पर कार्यवाही करें। बता दे की अविभाजित मध्य प्रदेश के जमाने से मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का गौरव रहा डाइट पेंड्रा अपनी शैक्षिक गतिविधियों शिक्षक एवं प्रशिक्षण के लिए न सिर्फ छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश में बल्कि पूरे भारत में प्रसिद्ध रहा तथा यहां ऐसे ऐसे प्राचार्य रहे जिन्होंने सामाजिक समरसता एवं एकता तथा भाईचारे की मिसाल प्रस्तुत की है परंतु बीते आधे दशक से पदस्थ डाइट प्राचार्य जे पी पुष्प जो कि अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं तथा वर्ग एवं जाति विशेष से संबंध एक संगठन के पदाधिकारी हैं जो कि जो कि किसी वर्ग विशेष की राजनीति कर रहे हैं के द्वारा यहां नफरत का बीज बोया जा रहा है। इसकी पुष्टि यहां पर जांच के द्वारा भी की जा सकती है।

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Amit Mishra - Editor in Chief
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