एनटीपीसी लारा सयंत्र शीघ्र ही कार्बन नुट्रल स्टेशन बनने की ओर अग्रसर- अखिलेश सिंह


बिलासपुर/रायगढ़। (वायरलेस न्यूज) एनटीपीसी लारा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान श्री अखिलेश सिंह, परियोजना प्रमुख (एनटीपीसी लारा) द्वारा यह जानकारी दीगई की लारा सयंत्र में 294 करोड़ रुपया की लागत से बनने वाले फ्लू गैस से 4जी एथनोल प्लांट से एनटीपीसी लारा में एथानॉल बनने लगेगा जो की हवाई जहाज एवं फाइटर जेट में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इस प्लांट की आधारशीला 4 मार्च 2024 को राखी गई थी। इस प्लांट की दैनिक क्षमता 10 टन होगी। यह एक नई तकनीक है जो की एनटीपीसी की अपनी सोध एवं विकास संस्था नेत्रा द्वारा विकशित किया गया है।
इस प्लांट के चालू हो जाने से प्लांट से निकलने वाले धुआँ से कार्बनडाईऑक्साइड गैस को अलग करके इससे एथानॉल बनाई जाएगी। इस अवसर पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान श्री सिंह ने एनटीपीसी लिमिटेड एवं लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के वर्तमान एवं भविष्य की कार्य योजना की वारे में जानकारी दी गई। वित्त वर्ष 2023-2024 के दौरान 29 मार्च तक लारा परियोजना द्वारा 11676.2 मिलीओन यूनिट की बिजली 83.54 प्रतिशत प्लांट लोड के साथ बनाया गया है। नई परियोजनाओं में छज्च्ब् स्।त्।य एनटीपीसी की लारा परियोजना सबसे किफायती दरों पर बिजली प्रदान करता है। लारा की मेरी गो राउंड एनटीपीसी की पहली बिद्युतिकरण व्यवस्था है। जो की पर्यावरण अनुकूल है एवं किफायती दरों पर बिजली प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभा रहा है। एनटीपीसी लारा की क्षमता विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है। अगले 4 साल में इसकी तीसरी इकाई बनकर तैयार हो जाएगी और इसके 6 महीने के बाद 4थी इकाई भी बिजली बबने लगेगी।
एनटीपीसी लारा में बनने वाले बिजली की आधा सिर्फ छत्तीसगढ़ राज्य को ही प्रदान किया जाता है, जो की इसकी विकास को गति प्रदान करती है। देश में दिनों दिन बढ़ रहे बिजली की मांग को पूरा करने में एनटीपीसी लारा पूरी तन्मयता से अपना कर्तव्य सम्पादन कर रहा है। बिजली बनाने के अतिरिक्त नैगम सामाजिक दायित्व को भी एनटीपीसी लारा बखुभी निभा रहा है। इसी कड़ी में परियोजना के सहयोगी ग्रामों, रायगढ़ जिला एवं छत्तीसगढ़ राज्य में भी कई विकास कार्य किया गया है एवं आगे भी जारी रहेगी। कुछ बड़े विकास कार्यो में रायपुर का आईआईआईटी का निर्माण तथा रायगढ़ जिला में स्थित सभी आत्मानंद स्कूल का विकास, रायगढ़ मेडिकल कॉलेज का विकास कार्य, सभी ग्रामों में पाइप के माध्यम से सुद्ध पेयजल का वितरण, सभी जलसयों का गहरिकरण, कोंक्रीट सड़क के साथ जल निस्काशन के लिए नाली का भी निर्माण किया गया है। हल ही में पुसोर के गोष्ठी स्वास्थ्य केंद्र का विकास किया गया है।
इस अवसर पर राजीव रंजन, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण) रवि शंकर, महाप्रबंधक (परियोजना), कन्हैया दास, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) विभागाध्यक्षगण उपस्थित थे।