कैसे होती है श्रद्धालुओं की गिनती?

( वायरलेस न्यूज़ नेटवर्क) 2025 का कुंभ हाईटेक हो गया है क्योंकि इसमें दिव्य-भव्य के साथ डिजिटल शब्द भी जुड़ गया है। और इससे ही लोगों की गिनती की जा रही है। डिजिटल कैमरों के जरिए गिनती करना आसान हो गया है। UP सरकार ने इस साल पूरे शहर में 2700 कैमरे लगाए हैं। इनमें 1800 कैमरे मेला क्षेत्र में लगे हैं। जिनमें 1100 परमानेंट और बाकी के 700 टेंपरेरी कैमरे हैं।

270 से ज्यादा कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से लैस हैं। इन कैमरों की रेंज में जैसे ही कोई व्यक्ति आता है, उसकी गिनती हो जाती है। ये स्टेशन, मेला क्षेत्र के एंट्री पॉइंट, संगम एरिया और अखाड़ों के साइड में लगाए गए हैं। AI बेस्ड कैमरे मिनट दर मिनट आंकड़े अपडेट करते हैं। और इन्ही थर्ड आई की मदद से श्रद्धालुओं की गिनती करना आसान हो गई है।

कुंभ मेले के SSP ने कहा कि इन कैमरों से भीड़ का घनत्व और भीड़ के मूवमेंट के बारे में पता चलता है। अगर भीड़ गलत दिशा में जा रही हो तो उसकी भी जानकारी मिल जाती है। वहीं IPS अमित कुमार इन कैमरों की निगरानी कर रहें है। उन्होंने बताया कि पहली बार AI के जरिए गिनती कर रहे। यह एक इमर्जिंग टेक्नोलॉजी है, पहली बार इतने बड़े स्तर पर इसका प्रयोग हो रहा है। करीब सवा 2 सौ AI कैमरे लगे हैं। जो भी इसकी रेंज में आता है, उसकी गिनती होती है। हालांकि, कोई भी तरीका किसी भी जगह 100% एरर फ्री नहीं होता।

अब तक कितने लोगों ने लगाई डुबकी?

मौनी अमावस्या के दिन शाम तक 5.71 करोड़ से अधिक लोग त्रिवेणी के पानी में पवित्र डुबकी लगा चुके हैं, जबकि आज तक तक कुल 37 करोड़ से अधिक लोग पवित्र डुबकी लगा चुके हैं। ये आंकड़ा उत्तर प्रदेश सूचना विभाग की ओर से जारी किया गया है।

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