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मनीष दत्त सम्मान से डॉ रत्ना सम्मानित* *मनीष दत्त पर शोध-कुलपति बाजपेयी* *(दादा की 85 वीं जयंती पर काव्य भारती का भव्य आयोजन)*

On: May 13, 2025 5:06 AM
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*मनीष दत्त सम्मान से डॉ रत्ना सम्मानित*
*मनीष दत्त पर शोध-कुलपति बाजपेयी*
*(दादा की 85 वीं जयंती पर काव्य भारती का भव्य आयोजन)*
*बिलासपुर । (वायरलेस न्यूज़ ) काव्यभारती कला एवं संगीत मंडल द्वारा स्थानीय विकास नगर 27 खोली में विख्यात रंगकर्मी मनीष दत्त की 85 वीं जयंती पर भव्य आयोजन किया गया अटल विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य ए डी एन बाजपेयी ने बताया की स्व.मनीष दत्त जी का कलाजगत में किया योगदान अतुलनीय है |उन्होंने कहा कि किसी शहर की पहचान उसकी कला-संस्कृति से होती है उन्होंने कहा मनीष दत्त ऐसी विभूति थे जिनके नाम से बिलासपुर का कला जगत विश्रुत विख्यात रहा मनीष दत्त के प्रदेय पर शोध कराने सहयोग देने वचन दिया और डॉ रत्ना मिश्रा को उनकी समर्पण साधना के लिये दिये गये सम्मान की सराहना करते हुये अपने शिष्य संस्था के अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश बाजपेयी के व्यक्तित्व की जमकर प्रसन्नता व्यक्त की*
*काव्य भारती के अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश बाजपेयी ने बताया विगत 6 वर्षों से काव्य भारती द्वारा कला,संगीत,अभिनय,नृत्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट जनो को दादा मनीष दत्त सम्मान दिया जा रहा है ।वर्ष 2025 का सम्मान वरिष्ट गायिका डॉ रत्ना मिश्रा को दिया गया*
*कार्यक्रम की अध्यक्षता करते डॉ विनय पाठक कुलपति पूर्व अध्यक्ष छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग ने कहा ढाई हज़ार कविताओं को संगीतबद्ध करना मनीष दत्त की साधना के उत्कर्ष को स्पर्श करता है ।डॉ पाठक ने कहा कि कवियों की संवेदना को स्वर लिपि के आधार पर संगीतात्मक प्रस्तुति ही काव्य भारती को महत्वपूर्ण बनती है ।*विशिष्ट अतिथि डॉ गिरधर शर्मा ने कहा इस परम्परा को चन्द्र प्रकाश एवं बाजपेयी परिवार ने निरंतर बनाये रखा है ये हम सबके लिये प्रेरणा दायक है मेरा सहयोग काव्य भारती के लिये सदैव बना रहेगा ।महादेवी,पंत, निराला,श्रीकृष्ण सरल,नीरज डॉ अजय पाठक आदि कवियों की रचनाओं का गायन नृत्य अभिनय के साथ काव्य भारती के कलाकारों द्वारा किया गया |*
*काव्य भारती के कलाकार डॉ सुप्रिया भारतीयन,डॉ रत्ना मिश्रा,डॉ किरण बाजपेयी,एस भारतीयन ने सुरमधुर गीत तुम और मै,विसर्जन,कनक के दिन,मै सजग चिर साधना ले सखी,सरस्वती वंदना,पहलगाम सिंदूर आपरेशन करने पर वीर जवानो को स्मरण करते हुये वीरों का कैसा हो बसंत,आ रही हिमालय से पुकार,ये मेरे वतन के लोंगों,खूब लड़ी मर्दानी वो तो,काव्य नृत्य की प्रस्तुति सजल कुशवाहा ने दी संयोजन सविता कुशवाहा ने किया |*
*सबसे पहिले काव्यभारती के संस्थापक मनीष दत्त के छाया चित्र पर सर्व श्री आचार्य ए डी एन बाजपेयी,डॉ विनय पाठक,डॉगिरधर शर्मा,विजय सिन्हा,श्रीमती भारती भट्टाचार्य,रघुनाथ भट्टाचार्य,डॉ शकुन्तला जितपुरे,डॉ अजय पाठक,डॉ आर के शर्मा,महेश श्रीवास,एस के दत्त आदि सदस्यों ने रोचना तिलक,माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया ।अपने स्वागत उद्बोधन में डॉ विजय सिन्हा ने दादा मनीष दत्त को स्मरण करते हुए कहा कि हम सब का उत्तर दायित्व दादा के कार्यों को आगे बढ़ाना है मुझे ख़ुशी है कि इस कार्य में बाजपेयी परिवार निस्वार्थ सेवा में लगा हुआ है अब मै कह सकता हूँ दादा वर्षों तक जीवित रहेंगे*
*इस मौक़े पर दादा पर बनी फ़िल्म का प्रदर्शन किया गया एवं जयंती पर्व पर अतिथियों ने दादा का प्रिय फल तरबूज़ काटकर उन्हें स्मरण किया ।*
*दो घण्टे तक आयोजित मन मोहक प्रस्तुति ने लोगों को बांधे रखा उक्त अवसर पर प्रमुख रूप से नगर के डॉ आर के शर्मा,राजेन्द्र मौर्य ,माधव चंद्राकर,डॉ एस जितपुरे,चन्द्र शेखर बाजपेयी,राजीव नयन शर्मा,बीना यादव,महेंद्र टंडन,नीरज तिवारी,अभिनव दीक्षित,श्रीमती उर्मिला सिन्हा,डॉ रश्मि बाजपेयी,डॉ जी डी पटेल,अखिलेश बाजपेयी, किरण शुक्ला,देवेंद्र बाजपेयी,सुनील कुमार दत्त,भूनेश्वर चंद्राकर,शेलेश सिंह चौहान,रमाकांत सोनी,दिलीप दत्त,रजनीश तिवारी,किशन यादव,प्रकाश यादव,चन्द्र प्रकाश जायसवाल,इंदू शर्मा,अंतिमा पांडेय,इंदिरा चौधरी,शिवानी चौधरी,सुशील कुमार हज़ारी,अनिल शर्मा.धीरेंद्र मिश्रा.देवी सिंह,मनोज सिंह,शत्रुघन सिकरवार.पप्पू रिज़वी,शैलेंद्र शुक्ला,संतोष पांडेय.रजनी पांडेय.अभिषेक पांडेय,कान्हा सोनी,धर्मेंदु कुमार,अदिति कुमार,कृष्णा सोनी,विजय यादव,जसविंदर पाल सिंह.महेश श्रीवास,महरण पुरी,पप्पू सिंह,अंचल,चन्द्रकांता तिवारी,अतुल तिवारी,विराज तिवारी,भावना,अंजली,हर्षा,सोमनाथ शर्मा सहित नगर के कला प्रेमी जन काफ़ी संखिया में उपस्थित रहे । कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ उषा किरण बाजपेयी,सुप्रिया भारतीयन एवं आभार अखिलेश बाजपेयी ने किया आयोजन उपरांत सभी साथियों ने जलपान एवं सत्तू पेय का आनंद उठाया*

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Amit Mishra
Amit Mishra
अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Amit Mishra

अमित मिश्रा ने वर्ष 1984 से पत्रकारिता को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में अपनाया और तब से लगातार पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। चार दशकों से अधिक की उनकी यह यात्रा समाचार, समाज और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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