*14 वर्षों का संघर्ष अंततः न्याय में परिवर्तित हुआ – सुबोध*

*अधिवक्ता भगवानू नायक ने की न्यायालय में पैरवी*

रायपुर, छत्तीसगढ़, (वायरलेस न्यूज़) दिनांक 20/05/2025। आज न्यायालय श्रीमान भूपेश कुमार बसंत ने वर्ष 2011 के गोलबाजार थाना, रायपुर के अपराध क्रमांक 27/11 के मामले में *प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सुबोध हरितवाल सहित तीन अन्य छात्र नेताओं अशोक सोनवानी, आशीष दुबे एवं ऋतुराज गायकवाड़* को खुले न्यायालय में दोषमुक्त कर दिया। यह मामला 30 जनवरी, 2011 को तत्कालीन रमन सिंह सरकार के जन विरोधीनीतियों के विरोध में जयस्तंभ चौक पर किए गए प्रदर्शन और पुतला दहन से जुड़ा था। 14 वर्षों तक चले इस मामले में न्यायालय ने अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को अपर्याप्त पाया और सभी को दोषमुक्त किया।

सुबोध हरितवाल ने कहा कि रमन सरकार ने कांग्रेस के छात्र नेताओं पर झूठे मामले दर्ज करके लोकतांत्रिक आवाज़ दबाने का प्रयास किया, जो न्यायालय में टिक नहीं पाए। अधिवक्ता भगवानू नायक एवं उनकी टीम, उर्वशी घोष, पारसमणि नायक, प्रदीप साहू ने इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सफलता से नेतृत्व किया। हरितवाल पहले भी रमन सरकार के दौरान दर्ज किए गए आधा दर्जन से अधिक मामलों में दोषमुक्त हो चुके है जिसकी पैरवी अधिवक्ता भगवानू नायक ने की है।

सुबोध हरितवाल ने कहा
*”न्यायपालिका ने एक बार फिर साबित किया कि सत्य को दबाया नहीं जा सकता। 14 वर्षों का संघर्ष अंततः न्याय में परिवर्तित हुआ। रमन राज में हमारे जैसे युवाओं को झूठे मामलों में फँसाया गया, लेकिन न्यायालय ने हमेशा संवैधानिक मूल्यों और निष्पक्षता को बरकरार रखा। यह निर्णय लोकतंत्र की जीत है।”*

अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा, *”यह मामला न्यायिक दृढ़ता का उदाहरण है। लंबे समय तक चली कार्यवाही के बावजूद, न्यायालय ने तथ्यों को प्राथमिकता दी और प्रकरण को निराकृत किया, इस निर्णय से न्यायपालिका पर लोगों विश्वास और अधिक बढ़ा है।*

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Amit Mishra - Editor in Chief
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